जशपुर

कुनकुरी में छात्रा पर मतांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप
04-Apr-2025 9:01 PM
कुनकुरी में छात्रा पर मतांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप

 हॉलीक्रास नर्सिंग कॉलेज की मान्यता रद्द कर तत्काल लगाएं ताला- विजय आदित्य सिंह जूदेव
 मांग पूरी न होने पर दी हजारों समर्थकों के साथ सडक़ में उतरने की चेतावनी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

जशपुरनगर, 4 अप्रैल। जशपुर जिले के कुनकुरी में संचालित हॉलीक्रास नर्सिंग कॉलेज की छात्रा पर मतांतरण के लिए दबाव डाले जाने के आरोप ने तूल पकड़ लिया है।

बजरंग दल के जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव ने इस मामले में तत्काल विवादित नर्सिंग कॉलेज की मान्यता रद्द कर,उस पर ताला लगाने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर हजारों समर्थकों के साथ सडक़ में उतरने की चेतावनी भी दी है।

आरोप लगने  के बाद विजय आदित्य सिंह जूदेव शुक्रवार को  कुनकुरी के बेहराटोली निवासी छात्रा अमीषा बाई से मिलने पहुंचे, जिसने आरोप लगाया है।

यहां पीडि़ता ने उन्हें बताया कि वह हिंदू धर्म को मानने वाली छात्रा है और नर्सिंग कोर्स के अंतिम वर्ष में है। उसने आरोप लगाया कि कॉलेज की प्राचार्य विंसी जोसेफ ने कई बार मतांतरण  के लिए दबाव बनाया और नन बनने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दिए। जब उसने इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया, तो प्राचार्य ने उसे मानसिक रूप से प्रताडि़त करना शुरू कर दिया। पीडि़त छात्रा का आरोप है कि नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद से ही प्राचार्य सिस्टर जोसेफ उस पर नन बनने का दबाव डाल रही थी।

पीडि़ता ने आरोप लगाते बताया कि शुरूआत में नन बनने पर विदेशों में नौकरी लगाने और मोटा वेतन का सब्जबाग दिखाया। लेकिन जब उसने अपने धर्म और परिवार को न छोडऩे की बात कही तो उसे तरह-तरह से प्रताडि़त किया जाने लगा। एक साल पहले उसे छात्रावास से भी निष्कासित कर दिया गया। फिर उस पर जबरन अनुपस्थिति और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया जाने लगा।

पीडि़ता के पिता मुन्नाराम सहित उनके स्वजनों का कहना है कि उनकी बेटी किसी भी स्थिति में सनातन धर्म नहीं छोडग़ी। उन्होंने बताया कि अगर अमिषा अविवाहित रहने का निर्णय भी करती है तो वह किसी सनातनी संस्था से जुड़ कर मानवता की सेवा करेगी।

 

अमिषा ने भी कहा कि किसी भी स्थिति में ना तो सनातन धर्म को छोड़ेगी और ना ही परिवार को। अमिषा ने कहा कि उसकी पढ़ाई के लिए उसकी मां और भाईयों ने दिन-रात मेहनत की है। इसलिए वह परिवार का साथ किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ेगी।

पीडि़ता अमिषा ने बताया कि उसकी बड़ी बहन दुर्गेश्वरी बाई भी एक साल पहले इसी कॉलेज से नर्सिंग पास हुई है। लेकिन 15 हजार फीस बकाया बता कर प्राचार्य ने उसे पंजीयन प्रमाण पत्र नहीं दिया।

दुर्गेश्वरी इन दिनों रायपुर के एक निजी नर्सिंग होम में नौकरी कर रही है। लेकिन पंजीयन प्रमाण पत्र ना होने से उसे कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

पीडि़ता का आरोप है कि दुर्गेश्वरी की पढ़ाई पूरी होने के बाद नर्सिंग कॉलेज ने लगभग 6 माह तक अस्पताल में दुर्गेश्वरी से नौकरी कराया, लेकिन वेतन के नाम पर एक रूपए भी नहीं दिया। अब 15 हजार रूपये फीस बकाया बता कर पंजीयन प्रमाण पत्र देने में आनाकानी कर रहे हैं।  

तत्काल लटकाएं ताला,नहीं तो होगा आंदोलन
पीडि़ता से चर्चा के बाद विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विवादित संस्था की तत्काल मान्यता रद्द कर संस्था के गेट पर ताला लटकाने की मांग की है। मांग पूरी न होने हजारो समर्थकों के साथ सडक़ में उतरने की चेतावनी भी दी है।

उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि धर्मांतरण कराने वाले मिशनरी संस्थाओं को अब सबक सिखाने का समय आ गया है। 

विजय आदित्य सिंह जूदेव ने अमीषा की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि वह उन सभी छात्राओं के लिए प्रेरणा है, जो इस प्रकार के जबरन धर्मांतरण की घटनाओं का शिकार हो रही हैं।


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