जशपुर

किसान का बेटा बना नायब तहसीलदार
21-Sep-2021 6:50 PM
  किसान का बेटा बना नायब तहसीलदार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

पत्थलगांव, 21 सितंबर। कहते है न मेहनत और पढ़ाई इस तरह हो कि जब सफलता मिले तो पूरा गांव, परिवार और समाज के लोग झूम जाए, यही कर दिखाया है युवा हरि प्रसाद भोय ने ।

पत्थलगांव से कुछ किलोमीटर की दूरी में स्थित ग्राम पंचायत घरजियाबथान (हीरापुर) के हरि प्रसाद भोय पिता पवित्रो राम भोय जो एक सामान्य किसान परिवार से हैं। उन्होंने सीजीपीएससी-2019 में प्रथम प्रयास में ही 438 रैंक प्राप्त करते हुए नायब तहसीलदार के पद में चयनित होकर के पूरे गांव को गौरवान्वित किया है। हरि प्रसाद के इस कामयाबी में उनके माता-पिता एवं उनके बड़े भाई जो पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। देवानंद भोय का विशेष योगदान है। सीजीपीएससी 2019 का परिणाम घोषित होते ही ग्राम वासियों में खुशी की लहर छा गई।

हरि प्रसाद भोय ने परिवार में विषम परिस्थिति के बावजूद हिम्मत न हारते हुए संघर्ष करके इस सफलता को प्राप्त किया है। हरि प्रसाद भोय का प्राथमिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर (घरजियां बथान) में हुआ है।

सरस्वती शिशु मंदिर के तत्कालीन व्यवस्थापक पवित्र मोहन बेहरा ने बताया कि हरि प्रसाद भोय प्राथमिक स्तर से ही मेधावी छात्र एवं कुशाग्र बुद्धि के धनी रहे हैं। एवं विद्यालय में हमेशा शत-प्रतिशत अंक अर्जित करते हुए अग्रणी पंक्ति में हमेशा  रिकॉर्ड कायम किए तथा विद्यालय के अन्य गतिविधि में भी बहुत रुचि पूर्वक सम्मिलित होकर भागीदारी करते रहे।

उनका माध्यमिक शिक्षा ग्राम तमता एवं स्नातक स्तर की शिक्षा बिलासपुर में हुआ हरि प्रसाद ने बचपन से ही प्रशासनिक सेवा में जाने को ठान लिया एवं लक्ष्य को प्राप्त करने अपनी अथक मेहनत किया जिससे जल्द बी सफलता मिल गई मिली इस सफलता से  गांव में खुशी की लहर है। हरि प्रसाद के गांव में आने पर ग्राम वासियों ने मांदर एवं ताल मृदंग की थाप से उनका भव्य स्वागत किया । ग्राम पंचायत के सरपंच, उप सरपंच, शिशु मंदिर विद्यालय परिवार, संतोष कुमार यादव , रोहित गौटिया , डीआर बेहरा, शंकर बेहरा ,महेश कुमार यादव, जाकिर खान, रूप नारायण साहू, एवं गांव के समस्त इष्ट मित्रों ने शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए देश की सेवा में अपना सौ प्रतिशत देने कहा जिससे परिवार सहित समाज के लोग गौरान्वित महसूस करें।

गांव के ही चन्द्रमडी यादव ने हरी प्रसाद भोय की सफलता पर कहा कि जब  इस तरह एक सामान्य किसान परिवार का बेटा सफलता पाकर जब घर लौटता है। तो उस गांंव के लोगों की खुशियां इतनी बढ़ जाती है। कि क्या कहें इस तरह की सफलता जो आस पास के गांव में अन्य युवाओं को अथक पढ़ाई और  मेहनत की और अग्रसर करता है। जिससे अन्य युवा वर्ग को एक नया रास्ता एक नई मंजिल की तरफ ले जाता है।


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