जशपुर
पुराने भवन से निकाली जा रही लकडिय़ों पर शाला विकास समिति की बैठक में होगा निर्णय
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
पत्थलगांव, 8 सितंबर। शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक स्कूल में शिक्षकों की कमी है, जिससे कई क्लास में बिना शिक्षक के छात्र बैठे दिखे। वहीं स्कूल के पुराने भवन से लकडिय़ां निकाली जा रही हैं। निकाले गए लकडिय़ों का क्या इस्तेमाल होगा, पर जल्द ही शाला विकास समिति की बैठक कर इस पर निर्णय लिया जाएगा।
पुराने भवन से निकाले गए लकडिय़ों के बारे में बालक हाईस्कूल के प्राचार्य एस. मिंज से जब पूछा गया कि कब से इन्हें उतारा जा रहा है और इसकी मात्रा कितनी है। वर्तमान में कितनी लकडिय़ां है। इस पर प्राचार्य मिंज के द्वारा बताया गया कि लगभग 15 दिनों से इसे उतरवाया जा रहा है। जिसे स्कूल परिसर में ही रखवाया गया है। पर इसकी मात्रा के बारे में हमारे पास किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इन निकाले गए लकडिय़ों के बारे में हम भी चिन्तित हैं। बीते महीने से शाला विकास समिति की बैठक रख इन बिंदुओं पर चर्चा करना था कि अब इन निकाले गए लकडिय़ों का क्या इस्तेमाल होगा, पर कई कारणों से बैठक नहीं हो पायी है, पर अब जल्द ही शाला विकास समिति की बैठक कर इस पर निर्णय लिया जाएगा।
वहीं स्कूल समय पर ज्यादातर कक्षाओं में छात्र तो हैं, पर शिक्षक दो से तीन क्लास में ही थे, बाकी में बिना टीचर के छात्र बैठे मिले। क्लास में बिना टीचर के छात्र पर प्राचार्य से पूछने पर उन्होंने कहा कि हमारे पास शिक्षकों की कमी है। अभी हमारे पास कुल 13 शिक्षक और एक पीटीआई है, जिनमें से एक शिक्षक मेडिकल में है। हमारे पास कॉमर्स, भौतिक, एग्रीकल्चर, बायलॉजी, सँस्कृत, और हिंदी के शिक्षक नहीं है।
जिला शिक्षा अधिकारी एसएन पंडा से बालक स्कूल पत्थलगांव के भवन से निकाले गए लकडिय़ों और स्कूल में शिक्षकों की कमी के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि वहां के स्कूल भवन से निकाले गए लकडिय़ों के बारे में मुझ तक कोई जानकारी नहीं है। पर किसी भी सरकारी सामनों का रखरखाव पूरी जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए, जैसे हम आप अपने घर के सामनो का हिसाब और ख्याल करते हैं। उसी तरह इन सभी चीजों का भी ख्याल रखा जाना चाहिए और शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। अम्बिकापुर के द्वारा जैसे ही हमें जशपुर जिले के लिए शिक्षक मिलेंगे, जरूरत के हिसाब से स्कूलों को शिक्षक दिए जाएंगे. अभी जिले के स्कूलों में अगर कहीं अतिशेष शिक्षक होंगे तो बालक स्कूल पत्थलगांव को भेजे जाएंगे।


