अंतरराष्ट्रीय
बांग्लादेश में फैले गंभीर खसरे के प्रकोप को लेकर सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्रारंभिक जांच कराने का अनुरोध किया है. प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य मामलों के विशेष सलाहकार जियाउद्दीन हैदर ने बताया कि मार्च से शुरू हुए इस प्रकोप में अब तक 500 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है और हजारों बच्चे संक्रमित हैं. बीते 24 घंटों में 13 और बच्चों की मौत के बाद कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 512 हो गई है. देशभर में 62,000 से ज्यादा बच्चों को खसरे जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती किया गया है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मरने वाले बच्चों में से 86 में खसरे की पुष्टि हुई है, जबकि बाकी में समान लक्षण पाए गए थे. इस बीच यूनिसेफ ने खुलासा किया कि उसने पूर्व अंतरिम सरकार को कई बार चेतावनी दी थी कि खसरे की स्थिति बिगड़ सकती है, लेकिन पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए. कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी वैक्सीन की कमी और खराब प्रबंधन के लिए पिछली सरकार की आलोचना की है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
स्वास्थ्य मंत्री सरदार साकावत हुसैन ने कहा कि पिछले प्रशासन की लापरवाही के कारण यह स्थिति पैदा हुई है, क्योंकि नियमित टीकाकरण अभियानों को ठीक से लागू नहीं किया गया, उन्होंने बताया कि सरकार अब इलाज और रोकथाम पर प्राथमिकता दे रही है. अप्रैल की शुरुआत में यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ के सहयोग से एक आपातकालीन टीकाकरण अभियान शुरू किया गया, जिसका लक्ष्य 6 महीने से 5 साल तक के 12 लाख से अधिक बच्चों को सुरक्षा प्रदान करना है. (dw.com/hi)


