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कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, जी-7 देशों की बैठक में अहम फैसला संभव
09-Mar-2026 7:12 PM
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, जी-7 देशों की बैठक में अहम फैसला संभव

मध्य पूर्व में चल रहे गंभीर संकट और अमेरिका-इस्राएल के ईरान के खिलाफ युद्ध के बीच, वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा सकता है. फ्रांस सरकार के एक सूत्र के अनुसार, सोमवार को होने वाली जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में रणनीतिक तेल भंडार को खोलने के विकल्प पर गहन चर्चा की जाएगी. 

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) के समन्वय में होने वाली इस पहल का मुख्य उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए आर्थिक और सुरक्षा तनाव के प्रभावों को कम करना है.

ईरान युद्ध लगातार दूसरे सप्ताह भी जारी है, जिसके डर से एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई है और कच्चे तेल की कीमतों में 30 प्रतिशत तक का भारी उछाल देखा गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कीमतों में इस उछाल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान के परमाणु खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए यह एक छोटी सी कीमत है और व्हाइट हाउस ने भरोसा जताया है कि यह उछाल केवल अस्थायी है.

1973 के बड़े तेल संकट के बाद आपूर्ति में होने वाली भारी बाधाओं से निपटने के लिए ही आईईए की स्थापना की गई थी. ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए, आईईए अपने सभी सदस्य देशों के लिए यह अनिवार्य बनाता है कि वे कम से कम 90 दिनों के शुद्ध तेल आयात के बराबर आपातकालीन तेल भंडार सुरक्षित रखें. ये विशाल भंडार या तो सीधे तौर पर सरकार के नियंत्रण में होते हैं या फिर निजी कंपनियों द्वारा आपातकाल के लिए संभाले जाते हैं.  (dw.com/hi)


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