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नेपाल के आम चुनावों में चार साल पहले बनी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने 165 में से 125 सीटों पर जीत हासिल कर ली है. नेपाल के चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, 163 सीटों के आखिरी नतीजे घोषित हो चुके हैं, जिनमें से करीब 76 फीसदी सीटों पर आरएसपी ने जीत हासिल की है. नेपाली कांग्रेस (18) और अन्य पार्टियां 40 से भी कम सीटों पर सिमट गई हैं.
आरएसपी ने इन चुनावों में रैपर से राजनेता बने बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था. काठमांडू के मेयर रह चुके बालेंद्र युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं. पिछले साल नेपाल में हुए जेन-जी आंदोलन के बाद वे चर्चा में आए थे. इस बार उन्होंने झापा-5 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.
नेपाल की राजनीति में लंबे समय तक नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी का दबदबा रहा है. वहां विभिन्न पार्टियों के गठबंधन से बनी सरकारें बनती-बिगड़ती रहती थीं. ऐसे में जानकारों का मानना है कि जनता ने आरएसपी को भारी जीत दिलाकर यह संकेत दिया है कि अब वे देश में एक स्थिर सरकार चाहते हैं.
नेपाल की संसद में कुल 275 सीटें हैं. इनमें से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं, जबकि बाकी 110 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के आधार पर भरी जाती हैं. इसके तहत, पार्टियों को उनके वोट शेयर के आधार पर सीटें आवंटित की जाती हैं. अनुमान है कि इनमें से भी आधी से अधिक सीटें, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी अपने नाम कर लेगी.


