अंतरराष्ट्रीय
ऑस्ट्रेलिया में नए और कड़े कानून लागू किए गए हैं, जिनके तहत अब यूजर्स को पोर्न, आर-रेटेड वीडियो गेम और एआई चैटबॉट से जुड़े एडल्ट कंटेंट तक पहुंचने से पहले यह साबित करना होगा कि उनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है.
पहले जहां सिर्फ "मैं 18 वर्ष से अधिक का हूं" वाले बॉक्स पर टिक करना काफी होता था, वहीं अब सोमवार से प्लेटफॉर्मों को सख्त आयु-सत्यापन जांच शुरू करनी होगी. इसमें फेशियल रिकग्निशन तकनीक, डिजिटल आईडी और क्रेडिट कार्ड विवरण शामिल हो सकते हैं.
ऑस्ट्रेलिया की ई-सेफ्टी कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने इस कदम को जरूरी बताते हुए कहा कि जिस तरह असल दुनिया में बच्चों को बार या कसीनो में जाने की अनुमति नहीं है, उसी तरह ऑनलाइन दुनिया में भी ऐसे ही सुरक्षा उपाय होने चाहिए.
उनकी एजेंसी के शोध में यह चौंकाने वाला सच सामने आया था कि 10 से 17 वर्ष के एक तिहाई बच्चों ने ऑनलाइन एडल्ट कंटेंट देखे हैं. इसके अलावा 70 फीसदी से अधिक बच्चों का सामना अत्यधिक हिंसा, आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट से हुआ है.
नए नियमों के तहत अब सर्च इंजन और ऐप स्टोर्स को ऐसे कदम उठाने होंगे ताकि अगर कोई युवा आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने वाले विषय खोजता है, तो उसे सबसे पहले हेल्पलाइन का नंबर दिखे, न कि कोई हानिकारक कंटेंट. इन नए नियमों के लागू होने के कारण कई बड़ी एडल्ट वेबसाइट्स ने ऑस्ट्रेलियाई यूजर्स के लिए अपनी पहुंच को ब्लॉक करना शुरू कर दिया है. (dw.com/hi)


