अंतरराष्ट्रीय
ताइवान के हवाई क्षेत्र के आसपास पिछले 10 में से 9 दिन, एक भी चीनी सैन्य विमान नहीं देखा गया. इस अचानक आई भारी गिरावट ने सैन्य विशेषज्ञों को हैरत में डाल दिया है. आमतौर पर बीजिंग ताइवान पर सैन्य दबाव बनाने के लिए लगभग हर दिन अपने लड़ाकू विमान और युद्धपोत वहां भेजता रहा है. लेकिन रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक 24 घंटे की किसी भी अवधि में केवल दो चीनी विमान ही ताइवान के पास दर्ज किए गए हैं, जबकि पिछले साल इसी समय यह संख्या 86 थी.
भले ही आसमान में लड़ाकू विमानों की कमी देखी गई है, लेकिन समुद्र में स्थिति लगभग पहले जैसी ही है. पिछले 10 दिनों में ताइवान के आसपास औसतन छह चीनी युद्धपोत रोजाना देखे गए हैं, जो पिछले साल के आंकड़ों के समान ही हैं. अगर इस साल के शुरुआती महीनों की बात करें, तो जनवरी और फरवरी में भी ताइवान के आसपास चीनी सैन्य उड़ानों में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 42 फीसदी की गिरावट आई थी. इसके अलावा, युद्धपोतों की संख्या में भी करीब 4.5 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी.
विशेषज्ञ इस अप्रत्याशित शांति के पीछे कई संभावित कारण मान रहे हैं. इनमें बीजिंग में चल रही वार्षिक राजनीतिक बैठक (टू सेशंस), हाल ही में चीनी सेना में हुई छंटनी, मध्य पूर्व का मौजूदा संघर्ष और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से मुलाकात के लिए इस महीने के अंत में होने वाली संभावित बीजिंग यात्रा शामिल है. (dw.com/hi)


