अंतरराष्ट्रीय
अज़रबैजान ने कहा है कि वह अपने हवाई क्षेत्र या ज़मीन का इस्तेमाल किसी भी देश को पड़ोसी देश ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई के लिए कभी नहीं करने देगा. अज़रबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बायरामोव ने गुरुवार को यह बात कही.
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका बढ़ रही है.
इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा था कि वह अपने क्षेत्र से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की मंज़ूरी नहीं देगा. साथ ही सऊदी अरब का भी यही कहना है.
अज़रबैजान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, बायरामोव ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से गुरुवार को फ़ोन पर बातचीत की.
बायरामोव ने कहा कि क्षेत्र में हाल के दिनों में बढ़ता तनाव चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि अज़रबैजान लगातार सभी पक्षों से अपील करता रहा है कि वे ऐसे क़दम और बयान देने से बचें, जो ईरान और उसके आसपास के इलाक़ों में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि सभी मुद्दों का समाधान अंतरराष्ट्रीय क़ानून के नियमों और सिद्धांतों के तहत सिर्फ़ बातचीत और कूटनीतिक तरीक़ों से किया जाना चाहिए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई के बाद अमेरिका ईरान पर क़रीब से नज़र रख रहा है.
उन्होंने ये भी कहा था कि अमेरिका का एक "बेड़ा" खाड़ी की ओर बढ़ रहा है. (bbc.com/hindi)


