अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत के लिए समय ख़त्म हो रहा है.
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी लगातार बढ़ रही है.
ट्रंप की चेतावनी पर ईरान ने भी उसे अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ युद्ध को याद रखने की चेतावनी दी.
ट्रंप ने बुधवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा कि एक 'बड़ा नौसैनिक बेड़ा' पूरी ताक़त, उत्साह और मक़सद के साथ ईरान की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है.
ट्रंप ने लिखा, "उम्मीद है कि ईरान जल्द बातचीत की मेज़ पर आएगा और एक निष्पक्ष समझौता करेगा. कोई परमाणु हथियार नहीं."
ईरान ने ट्रंप की धमकियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने एक्स पर लिखा, "पिछली बार अमेरिका अफ़गानिस्तान और इराक़ के युद्धों में उलझा, तो उसने 7 ट्रिलियन डॉलर से ज़्यादा खर्च करने पड़ गए और 7 हज़ार से ज़्यादा अमेरिकी नागरिकों की जान चली गई."
"ईरान आपसी सम्मान और हितों के आधार पर बातचीत के लिए तैयार है. लेकिन अगर उस पर दबाव डाला गया, तो वह अपना बचाव करेगा और ऐसा जवाब देगा जैसा पहले कभी नहीं दिया गया."
ईरान कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और उसने बार-बार परमाणु हथियार बनाने के आरोपों से इनकार किया है. (bbc.com/hindi)


