अंतरराष्ट्रीय
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल हो सकते हैं. उन्होंने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए लगने वाली रक़म को लेकर भी बयान दिया है.
रूसी मीडिया आरटी के मुताबिक़ पुतिन ने कहा, "फ़लस्तीन के लोगों के साथ रूस के ख़ास रिश्ते को देखते हुए मुझे लगता है कि हम 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में एक बिलियन डॉलर का योगदान दे सकते हैं. हम इसे उस संपत्ति से दे सकते हैं, जिसे पिछले प्रशासन ने सीज़ किया था."
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में विदेशी ज़मीन पर मौज़ूद रूस की कई संपत्तियों को सीज़ किया गया था. यहाँ पुतिन उन्हीं संपत्तियों का ज़िक्र कर रहे हैं.
पुतिन ने आगे कहा, "बाक़ी के फंड का इस्तेमाल युद्ध से प्रभावित इलाक़ों को दोबारा खड़ा करने में किया जा सकता है. हम समझौते के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि से बात कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इन सभी मुद्दों पर फ़लस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और अमेरिकी प्रतिनिधि जैरेड कुशनेर और स्टीव विटकॉफ़ से बातचीत होगी, जो यूक्रेन मुद्दे पर बातचीत के लिए कल मॉस्को आ रहे हैं."
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पुतिन को 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए न्योता देने को लेकर भी अपनी बात रखी है.
दावोस में चल रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक के दौरान एक पत्रकार ने ट्रंप से सवाल किया कि वह पुतिन को 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने का न्योता क्यों दे रहे हैं.
इस पर ट्रंप ने कहा, "क्योंकि हम सबको शामिल करना चाहते हैं. हम ऐसे सभी देशों को शामिल करना चाहते हैं, जहां लोगों के पास नियंत्रण है, शक्ति है."
उन्होंने कहा, "मेरे पास कुछ विवादित लोग भी हैं, लेकिन ये वे लोग हैं जो काम को बखूबी अंजाम देना जानते हैं. ये ऐसे लोग हैं जो बहुत ज़्यादा प्रभावशाली हैं."(bbc.com/hindi)


