अंतरराष्ट्रीय

ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' को लेकर सऊदी, पाकिस्तान समेत सात देशों ने जारी किया बयान
22-Jan-2026 8:44 AM
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' को लेकर सऊदी, पाकिस्तान समेत सात देशों ने जारी किया बयान

अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने को लेकर सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और क़तर ने एक संयुक्त बयान जारी किया है.

इससे पहले इसराइल ने सार्वजनिक तौर पर इस बोर्ड में जुड़ने की पुष्टि की थी.

बुधवार शाम ट्रंप ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन भी इसमें शामिल होने पर सहमत हो गए हैं, लेकिन रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश अभी इस न्योते पर विचार कर रहा है.

उन्होंने कहा कि रूस उसकी सीज़ की गईं संपत्तियों से एक अरब डॉलर देने के लिए तैयार है और उनका मानना है कि यह बोर्ड मुख्य रूप से मध्य पूर्व से जुड़ा है.

शुरुआत में माना जा रहा था कि यह बोर्ड इसराइल और हमास के बीच ग़ज़ा में चल रही दो साल की जंग को ख़त्म करने में मदद करेगा और पुनर्निर्माण की निगरानी करेगा. लेकिन इसके प्रस्तावित चार्टर में फ़लस्तीनी इलाक़े का ज़िक्र नहीं है और यह संयुक्त राष्ट्र के कुछ कामकाज की जगह लेने के लिए बनाया गया दिखता है.

हालांकि सऊदी अरब की ओर से जारी सात देशों के संयुक्त बयान में कहा गया कि वे ग़ज़ा में स्थायी युद्धविराम को मज़बूत करने, पुनर्निर्माण और 'न्यायपूर्ण और स्थायी शांति' को आगे बढ़ाने के मक़सद से समर्थन कर रहे हैं

कौन से देश 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में हुए शामिल

अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप के इस बोर्ड में कितने देशों को शामिल होने का न्योता दिया गया है. यूएई, बहरीन, अल्बानिया, आर्मेनिया, अज़रबैजान, बेलारूस, हंगरी, कज़ाख़स्तान, मोरक्को और वियतनाम पहले ही इसमें शामिल हो चुके हैं.

बुधवार को वेटिकन ने भी पुष्टि की कि पोप लियो को न्योता मिला है. हालांकि वह इस स्वीकार करेंगे या नहीं, अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है.

उधर, स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट गोलोब ने कहा कि उन्होंने यह न्योता ठुकरा दिया है क्योंकि यह संस्था "अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में ख़तरनाक तरीक़े से दख़ल देती है". (bbc.com/hindi)


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