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ट्रंप के बढ़ते दबाव के बीच यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में भेजने शुरू किए सैनिक
16-Jan-2026 9:19 AM
ट्रंप के बढ़ते दबाव के बीच यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में भेजने शुरू किए सैनिक

-पॉल कीर्बी

ग्रीनलैंड पर अधिकार को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ती बयानबाज़ी के बीच यूरोपीय देशों के सैन्य कर्मी ग्रीनलैंड पहुंचने लगे हैं.

ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में फ़्रांस के 15 सैनिकों का एक दल पहुंचा है. कई यूरोपीय देश इसे कथित टोही मिशन का हिस्सा बता रहे हैं. इस तैनाती में जर्मनी, स्वीडन, नॉर्वे, नीदरलैंड और ब्रिटेन के सैन्य कर्मी भी शामिल होंगे.

यह क़दम ऐसे समय उठाया गया है, जब डोनाल्ड ट्रंप लगातार आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड पर अपना दावा जता रहे हैं. ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त हिस्सा है.

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि शुरुआती दल को जल्द ही “ज़मीन, हवा और समुद्र से जुड़े संसाधनों” के साथ मज़बूत किया जाएगा.

फ़्रांस के राष्ट्रपति के विशेष दूत ओलिवियर प्वाव्र दारवोर ने इस मिशन को एक मज़बूत राजनीतिक संकेत बताया. उन्होंने कहा, “यह एक पहला अभ्यास है. हम अमेरिका को दिखाएंगे कि नेटो यहां मौजूद है.”

सैन्य कर्मियों की तैनाती का फैसला उस मीटिंग के बाद हुआ है, जिसमें डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्री बुधवार को वॉशिंगटन पहुंचे थे और उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात की थी.

बैठक के बाद डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा कि बातचीत रचनात्मक रही, लेकिन दोनों पक्षों के बीच एक “मूलभूत असहमति” बनी हुई है. इसके बाद उन्होंने ग्रीनलैंड को ख़रीदने की ट्रंप की कोशिश की आलोचना भी की.

वहीं, ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में लाने के अपने रुख को दोहराते हुए ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, “हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की ज़रूरत है.”

हालांकि उन्होंने बल प्रयोग की आशंका से इनकार नहीं किया, लेकिन बुधवार देर रात यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि डेनमार्क के साथ कोई समाधान निकाला जा सकता है.

इस बीच बेल्जियम में रूस के दूतावास ने आर्कटिक में हो रहे घटनाक्रम पर “गंभीर चिंता” जताई है. रूस ने नेटो पर आरोप लगाया कि वह मॉस्को और चीन से बढ़ते खतरे का “बहाना” बनाकर वहां सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. (bbc.com/hindi)


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