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व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि ईरान ने क़रीब 800 लोगों की फांसी की सज़ा रोक दी है. यह जानकारी व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने दी है.
लेविट ने कहा, "राष्ट्रपति (ट्रंप) और उनकी टीम ने ईरानी शासन को यह संदेश दिया है कि अगर हत्याएं जारी रहीं, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे..."
उन्होंने बताया, "राष्ट्रपति को गुरुवार को यह जानकारी मिली कि शुक्रवार को होने वाली 800 फांसी की सज़ा को रोक दी गई है. राष्ट्रपति और उनकी टीम इस स्थिति पर क़रीब से नज़र रखे हुए हैं और राष्ट्रपति के लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं."
ईरान में बीते कई दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं. कई रिपोर्ट्स में ईरानी प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को फांसी की सज़ा के दावे किए गए थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ईरान किसी भी प्रदर्शनकारी को फांसी की सज़ा देता है तो अमेरिका उसके ख़िलाफ़ 'बहुत कड़ी कार्रवाई' करेगा.
बीते दिनों तेहरान में प्रदर्शन के दौरान इरफ़ान सुल्तानी को हिरासत में लिया गया था. उनके एक रिश्तेदार ने बीबीसी फ़ारसी से कहा था कि उन्हें सिर्फ़ दो दिनों के भीतर, अदालत ने मौत की सज़ा सुना दी थी.
हालांकि, गुरुवार को यह ख़बर आई कि इरफ़ान सुल्तानी की फांसी की सज़ा रोक दी गई है.
ईरान की सरकारी ब्रॉडकास्टिंग एजेंसी ने न्यायपालिका के हवाले से बताया कि "इरफ़ान सुल्तानी को 10 जनवरी को अशांति के दौरान गिरफ़्तार किया गया था. उन पर देश की आंतरिक सुरक्षा के ख़िलाफ़ जुटने और साज़िश रचने और शासन के ख़िलाफ़ प्रचार गतिविधियों के आरोप हैं."
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, न्यायपालिका ने कहा, "अगर अभियोजन में उनके आरोप साबित होते हैं और सक्षम अदालत में क़ानूनी फैसला आता है, तो क़ानून में तय सज़ा जेल है. इन आरोपों के लिए क़ानून में मौत की सज़ा का प्रावधान ही नहीं है."
रिपोर्ट में कहा गया है कि इरफ़ान सुल्तानी इस समय कराज सेंट्रल जेल में बंद हैं. (bbc.com/hindi)


