अंतरराष्ट्रीय
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने तीन राजनयिकों का हवाला देते हुए बताया है कि अमेरिका ने क़तर के अपने अल उदैद एयर बेस से कुछ सैनिकों को बुधवार शाम तक चले जाने की सलाह दी है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, क़तर स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस रिपोर्ट पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
रॉयटर्स ने कहा है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची और ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ के बीच डायरेक्ट कम्युनिकेशन बंद हो गया है.
एक दिन पहले ही ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी तरह की बातचीत को बंद कर दिया है. साथ ही उन्होंने ईरान के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी.
क़तर ने क्या कहा?
क़तर की सरकार ने इन ख़बरों को लेकर अपना रुख़ स्पष्ट किया है.
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अल उदैद एयर बेस से कुछ कर्मचारियों के जाने को लेकर जो ख़बरें चल रही हैं, वे वर्तमान क्षेत्रीय तनावों के जवाब में उठाए जा रहे कदमों से जुड़ी हैं.
क़तर के इंटरनेशनल मीडिया ऑफ़िस की ओर जारी बयान में कहा गया है कि 'क़तर अपने नागरिकों और यहां रह रहे लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए सभी आवश्यक उपाय लागू करता रहेगा.'
बयान में आगे कहा गया है कि इसमें महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और सैन्य सुविधाओं की सुरक्षा से जुड़े क़दम भी शामिल हैं.
क़तर में स्थित अल उदैद एयर बेस मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है, जहां करीब 10 हज़ार सैनिक तैनात हैं.
जून में ईरान पर अमेरिकी हवाई हमलों से पहले भी मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों से सैनिकों को हटाया गया था.
बीते 23 जून को ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले के जवाब में उदैद एयर बेस को निशाना बनाते हुए छह मिसाइलें दागी थीं. (bbc.com/hindi)


