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'अमेरिका को 5 करोड़ बैरल तेल देगा वेनेज़ुएला और इसकी बिक्री की रकम पर मेरा नियंत्रण होगा'- ट्रंप का एलान
07-Jan-2026 11:28 AM
'अमेरिका को 5 करोड़ बैरल तेल देगा वेनेज़ुएला और इसकी बिक्री की रकम पर मेरा नियंत्रण होगा'- ट्रंप का एलान

-कायला एप्स्टीन और ऑसमंड चिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेज़ुएला निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के लिए अचानक हुए सैन्य अभियान के बाद 'उनके देश को 5 करोड़ बैरल तक तेल देगा'.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म, ट्रूथ सोशल पर लिखा कि ये तेल बाज़ार भाव पर बेचा जाएगा और इससे मिलने वाली कीमत उनके नियंत्रण में रहेगी. जिसका इस्तेमाल वेनेज़ुएला और अमेरिका के लोगों के हित में किया जाएगा.

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उन्होंने कहा था कि वेनेज़ुएला में अमेरिकी तेल उद्योग 18 महीनों के अंदर पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई थी कि इससे वेनेज़ुएला में भारी निवेश आएगा.

हालांकि, विश्लेषकों ने इससे पहले बीबीसी को बताया था कि वेनेज़ुएला के तेल उत्पादन के पुराने स्तर को बहाल करने में दसियों अरब डॉलर की लागत आ सकती है और इसमें एक दशक तक का समय लग सकता है.

ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर मंगलवार को लिखा, "मुझे ये एलान करते हुए ख़ुशी हो रही है कि वेनेज़ुएला का अंतरिम प्रशासन अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल उच्च गुणवत्ता का वह तेल देगा, जिसपर प्रतिबंध था."

उन्होंने लिखा, "यह तेल बाज़ार भाव पर बेचा जाएगा और उससे मिलने वाला पैसा अमेरिकी राष्ट्रपति होने के नाते मेरे नियंत्रण में रहेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका इस्तेमाल वेनेज़ुएला और अमेरिका के लोगों के हित में हो."

वेनेज़ुएला की पूर्व उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज़ के अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने के एक दिन बाद ट्रंप की यह टिप्पणी आई है. वहीं, निकोलस मादुरो को नशीले पदार्थों की तस्करी और हथियारों से जुड़े आरोपों का सामना करने के लिए अमेरिका लाया गया है.

इससे पहले ट्रंप ने सोमवार को एनबीसी न्यूज़ से कहा था, "तेल उत्पादक वेनेज़ुएला अमेरिका के लिए अच्छा है क्योंकि इससे तेल की कीमतें नीचे रहती हैं."

बीबीसी के अमेरिकी सहयोगी सीबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधि इस हफ़्ते ट्रंप प्रशासन से मिलने की योजना बना रहे थे.

हालांकि, इससे पहले बीबीसी से बात कर चुके कुछ विश्लेषकों ने संदेह जताया था कि ट्रंप की योजना का वैश्विक तेल आपूर्ति और इसकी कीमतों पर कोई बड़ा असर पड़ेगा.

उनका कहना था कि कंपनियां पहले यह आश्वासन चाहेंगी कि वेनेज़ुएला में एक स्थिर सरकार है और अगर वे निवेश कर भी देते हैं, तो भी इन परियोजनाओं के नतीजे आने में कई साल गुज़र सकते हैं.

वेनेज़ुएला के तेल पर बड़ी कंपनियों का रुख़
हाल के दिनों में ट्रंप यह तर्क देते रहे हैं कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेज़ुएला के ऑयल इन्फ़्रास्ट्रक्चर को सुधार सकती हैं.

वेनेज़ुएला के पास अनुमान के तौर पर 303 अरब बैरल तेल है, जो दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार माना जाता है. लेकिन देश का तेल उत्पादन साल 2000 के बाद से लगातार घटता जा रहा है.

ट्रंप प्रशासन वेनेज़ुएला के इन तेल भंडारों में अमेरिका के लिए ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं देखता है.

हालांकि, वेनेज़ुएला में तेल उत्पादन को बढ़ाना अमेरिकी कंपनियों के लिए काफ़ी महंगा साबित हो सकता है.

इसके अलावा, वेनेज़ुएला का तेल हेवी क्रूड होता है, जिसे रिफ़ाइन करना भी मुश्किल है. फिलहाल वहां केवल एक अमेरिकी कंपनी शेवरॉन काम कर रही है.

वेनेज़ुएला में अमेरिकी तेल उत्पादन को लेकर ट्रंप की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर शेवरॉन के प्रवक्ता बिल ट्युरन ने कहा कि कंपनी का ध्यान "अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और भलाई के साथ ही अपनी संपत्तियों की सुरक्षा पर है."

ट्युरन ने कहा, "हम सभी कानूनों और नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए अपना काम जारी रखे हुए हैं."

एक और बड़ी अमेरिकी कंपनी कोनोकोफिलिप्स अब वेनेज़ुएला में नहीं है. हालांकि, कंपनी के प्रवक्ता डेनिस नुस ने कहा, "हम वेनेज़ुएला में हो रहे घटनाक्रम और उससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और स्थिरता पर पड़ने वाले संभावित असर पर नज़र रखे हुए हैं."

डेनिस नुस ने कहा, "भविष्य की किसी भी व्यावसायिक गतिविधि या निवेश को लेकर अटकलें लगाना अभी जल्दबाज़ी होगी."

वहीं, तीसरी कंपनी एक्सॉन ने इस मामले पर पूछे सवाल का अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है.

वेनेज़ुएला से मादुरो को पकड़कर ले जाने को सही ठहराते हुए ट्रंप ने यह भी दावा किया कि वेनेज़ुएला ने 'एकतरफ़ा तरीके से अमेरिकी तेल की ज़ब्ती और चोरी की है.'

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी मादुरो को पकड़े जाने के बाद एक्स पर इसी दावे को दोहराया. उन्होंने लिखा, "वेनेज़ुएला ने अमेरिकी तेल संपत्तियों को हड़प लिया और हाल तक उसी तक उसी चोरी की गई संपत्ति का इस्तेमाल अमीर बनने और अपनी नार्को-टेररिस्ट गतिविधियों को फंड करने में किया."

हालांकि, हक़ीक़त इससे कहीं ज़्यादा जटिल है.

वेनेज़ुएला में अमेरिकी तेल कंपनियों का लंबा इतिहास रहा है और वे लाइसेंस अग्रीमेंट के तहत वहां तेल निकालती रही हैं.

वेनेज़ुएला ने साल 1976 में अपने तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर दिया था और साल 2007 में, तत्कालीन राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ ने देश में काम कर रही अमेरिकी तेल कंपनियों की बची हुई विदेशी संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण और बढ़ा दिया था.

वर्ष 2019 में वर्ल्ड बैंक के एक ट्राइब्यूनल ने 2007 में उठाए इस कदम के बदले कोनोकोफिलिप्स को 8.7 अरब डॉलर का मुआवज़ा देने का आदेश वेनेज़ुएला को दिया था.

मगर वेनेज़ुएला ने यह राशि अभी तक नहीं चुकाई है. यानी कम से कम एक अमेरिकी तेल कंपनी का मुआवज़ा अब भी बकाया है.

लेकिन बीबीसी वेरिफ़ाई के बेन चू के मुताबिक, यह कहना कि वेनेज़ुएला ने अमेरिका का तेल 'चुरा लिया', बहुत आसान दावा है. जबकि विशेषज्ञों ये कहते हैं कि तेल तो हमेशा वेनेज़ुएला का ही माना जाता रहा है और इसपर किसी का निजी स्वामित्व नहीं था. (bbc.com/hindi)


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