अंतरराष्ट्रीय
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने इंटीग्रेटेड फ़ूड सिक्योरिटी फ़ेज़ क्लासिफ़िकेशन (आईपीसी) की रिपोर्ट को 'सरासर झूठ' बताया है.
आईपीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि ग़ज़ा शहर और इसके आसपास के इलाक़ों में अकाल की स्थिति है. आईपीसी ने ग़ज़ा के लिए ये स्तर पांच कर दिया है जो सबसे अधिक और बेहद गंभीर है.
पीएम कार्यालय की ओर जारी बयान में नेतन्याहू ने कहा, "इसराइल की भुखमरी की नीति नहीं है, बल्कि भुखमरी रोकने की नीति है."
उन्होंने कहा कि अक्तूबर 2023 से अब तक इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी में 20 लाख टन सहायता पहुंचने दी है, जो प्रति व्यक्ति एक टन से ज़्यादा है.
नेतन्याहू ने कहा कि ग़ज़ा में खाने-पीने की चीज़ों के दाम 'इसराइल की मानवीय मदद बढ़ने की वजह से बहुत गिर गए हैं'.
उन्होंने आरोप लगाया कि आईपीसी की रिपोर्ट में इस 'क़ीमतों में भारी गिरावट" का ज़िक्र नहीं किया गया'.
बयान में कहा गया, "पिछली सभी आईपीसी रिपोर्टों की तरह, इस रिपोर्ट ने भी इसराइल के मानवीय प्रयासों और हमास द्वारा राहत सामग्री की चोरी को नज़रअंदाज़ किया है."
बयान में हमास पर आरोप लगाया गया है कि वह अपनी वॉर मशीन को फंड करने के लिए राहत सामग्री चुरा रहा है. (bbc.com/hindi)


