अंतरराष्ट्रीय
बंधकों के समर्थन में इसराइल की ग़ज़ा सिटी पर नियंत्रण की योजना के ख़िलाफ़ शनिवार को यरूशलम में हज़ारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारी यरूशलम की सड़कों पर उतर आए और प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के आधिकारिक निवास की ओर मार्च किया, जिससे ग़ज़ा सिटी पर पूर्ण रूप से नियंत्रण करने की उनकी सरकार की योजना के ख़िलाफ़ अपना आक्रोश व्यक्त कर सकें.
इसराइल के पूर्व सैनिक मैक्स क्रेश ने एक तख़्ती लेकर मार्च किया जिस पर लिखा था "मैं इनकार करता हूं."
उन्होंने बीबीसी के अमीर नादेर से कहा, "हम 350 से अधिक सैनिक हैं, जिन्होंने युद्ध लड़ा लेकिन हमें नेतन्याहू के राजनीतिक युद्ध से इनकार है."
इसराइल के तेल अवीव, हाइफ़ा सहित कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए.
इसराइल की ग़ज़ा सिटी योजना को लेकर संयुक्त राष्ट्र के अलावा ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, तुर्की, जर्मनी, फ़िनलैंड और कनाडा समेत कई देशों ने इसकी निंदा की है.
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि इसराइल की इस कार्रवाई से ग़ज़ा में इसराइली बंधकों और फ़लस्तीनी नागरिकों के लिए "विनाशकारी" परिणाम हो सकता है.
इसराइली सुरक्षा कैबिनेट ने शुक्रवार को ग़ज़ा सिटी पर नियंत्रण की योजना को मंज़ूरी दे दी थी और इसके लिए पांच बिंदु तय किए हैं.
इसराइली सेना ने कहा है कि वह ग़ज़ा सिटी पर नियंत्रण और युद्ध समाप्त करने के लिए इन्हीं बिंदुओं के तहत काम करेगी. (bbc.com/hindi)


