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अमेरिका ने ऐसा क्या फ़ैसला किया कि बढ़ने लगी तेल की क़ीमत
12-Jun-2025 11:00 AM
अमेरिका ने ऐसा क्या फ़ैसला किया कि बढ़ने लगी तेल की क़ीमत

अमेरिका ने बुधवार को मध्य-पूर्व के देशों से अमेरिकी सैन्य कर्मियों के परिवारों को वापस आने की अनुमति दी है.

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड मंगलवार को न्यूयार्क में दोपहर के कारोबार में अपने स्तर से पांच प्रतिशत बढ़कर 70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. अमेरिका के वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट ने भी तेज़ी दिखाते हुए अप्रैल के बाद अपने उच्चतम स्तर जा पहुंचा है.

कच्चे तेल की क़ीमतों में उस समय उछाल देखने को मिला, जब कुछ घंटे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ये बयान दिया था कि ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर चल रही बातचीत सफल होने के उम्मीद कम है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग़ैर अनिवार्य स्टाफ़ के वापसी की पुष्टि करते हुए कहा, "अमेरिकी कर्मी मध्य-पूर्व छोड़ रहे हैं. ये ख़तरनाक जगह हो सकती है. हम देखते हैं क्या होगा. ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता है. हम इसकी अनुमति नहीं देंगे."

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर कूटनीति विफल रही तो वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य विकल्पों पर विचार करेगा.

इसराइल ने भी ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई की धमकी दी है. ईरान दशकों में अपने सबसे कमज़ोर स्थिति में है और ऐसे में इसराइल के पास हमला करने का एक अवसर है.

ईरान के रक्षा मंत्री ने बुधवार को कहा कि उनका देश किसी भी हमले के जवाब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को "बिना किसी हिचकिचाहट" के निशाना बनाएगा. इन बयानों के बाद तेल बाज़ार पर सीधा असर पड़ा है.

ईरान को नए परमाणु समझौते के लिए तय किया गया समय गुरुवार को समाप्त हो रहा है. ट्रंप ने इस समझौते के लिए ईरान को 60 दिन का समय दिया था.(bbc.com/hindi)
 


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