अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान के कराची शहर में बुधवार को फ़लस्तीनियों के समर्थन और इसराइल के विरोध में हज़ारों पाकिस्तानी सड़क पर उतरे.
पाकिस्तानियों ने विरोध प्रदर्शन में ग़ज़ा में इसराइली कार्रवाई तत्काल रोकने और युद्धविराम की मांग की. इस विरोध प्रदर्शन में कराची पत्रकार संघ, पाकिस्तान फेडरल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट, पाकिस्तान मेडिकल असोसिएशन, नेशनल ट्रेड यूनियन एसोसिएशन और आम लोग शामिल हुए.
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अल-अक़्सा मस्जिद से इसराइल अपना नियंत्रण ख़त्म करे और यरुशलम से फ़लस्तीनी परिवारों को निकालना बंद हो.
प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानियों मीडिया से कहा कि इसराइल जो कुछ भी कर रहा है वो अमानवीय है और उसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए. इससे पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने संसद में पाकिस्तानियों से फ़लस्तीनियों के समर्थन में सड़क पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए कहा था.
पाकिस्तान खुलकर फ़लस्तीनियों का समर्थन कर रहा है. पाकिस्तान ने इसराइल को आज तक मान्यता नहीं दी है. पाकिस्तान का कहना है कि जब तक फ़लस्तीनियों के लिए एक स्वतंत्र मुल्क नहीं बन जाता है तब वो इसराइल को मान्यता नहीं देगा.
पिछले साल जब बहरीन और यूएई ने इसराइल से रिश्ते सामान्य किए तो पाकिस्तान में भी बहस उठी कि जब अरब के देश ही इसराइल को गले लगा रहे हैं तो पाकिस्तान क्यों सख़्त रुख़ बनाए हुए है. कहा जाता है कि पाकिस्तान में इस्लामिक धड़ा बहुत मज़बूत है और किसी भी सरकार के लिए इसराइल से रिश्ता सामान्य करने का फ़ैसला लेना मुश्किल है.(bbc.com)


