गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा-राजिम, 17 जून। नगर के समीप ग्राम टोकरो में छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के दिशा निर्देशन पर कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक के एवं कक्षा 6 वीं से आठवीं तक के स्कूल प्रवेश उत्सव मनाया गया। जो कि शासन की योजना है इसमें न केवल ग्रामीण अंचल बल्कि शहरी बच्चों के शाला त्यागी बच्चों को स्कूल एवं शिक्षा के साथ मूल धारा में जोडऩे का प्रयास निरंतर करने की अपील श्री साहू ने की है।
प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में उपस्थित सेवानिवृत प्राचार्य संतराम सोनबरसा पूर्व सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी अभनपुर ने अपने उद्बोधन में कहा है कि स्कूल में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कार को भी रखें ताकि बच्चे जो हैं शिक्षित होने के साथ अपने संस्कार एवं पुरखौती संस्कारों एवं परंपरा अध्यात्म के साथ जुड़ सके। जिससे बच्चों में सर्वांगीण विकास होगा। सोनबरसा में इस बात पर जोर दिया है कि बच्चों को भय मुक्त वातावरण में पढ़ाई कराना सुनिश्चित करें,जिससे बच्चे स्वत: ही शिक्षा के साथ जुड़े और नवाचार नए-नए उपचारात्मक शिक्षण के माध्यम से बच्चों को अधिक से अधिक उच्चतम अंक प्राप्त करने में सहायता प्रदान करें। यदि प्रत्येक शिक्षामित्र बालक को नवीन नवाचार के माध्यम से अध्ययन अध्यापन कार्य करता है। तो यकीनन बच्चों में शिक्षक के प्रति रुचि एवं स्मार्ट क्लास के माध्यम से छोटे बच्चों में अध्यापन को और अधिक रुचिकर बनाया जा सकता है जिसके लिए शिक्षकों में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं स्मार्ट क्लास के प्रति स्वयं जागरूक होना पड़ेगा जिसकी प्रत्यक्ष लाभ बच्चों को मिलता दिखाई देगा।
बरसात के दिनों में अधिक से अधिक वृक्षारोपण की जाए। समाज सेवी सोनबरसा में बताया कि गांव को हरा भरा करना है स्कूल पर्यावरण को साफ सुथरा जिसमें शौचालय बालक-बालिका पुस्तकालय कक्ष भोजन प्रसादी कक्षा प्रार्थना सभा हॉल एवं पेयजल व्यवस्था की आने वाले दिनों में बरसात की दृष्टिकोण से विशेष रखरखाव एवं सफाई की आवश्यकता होगी। इस कार्यक्रम में प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल के प्रधान पाठक एवं सभी शिक्षक शिक्षिकाएं एवं लखनलाल साहू पूर्व सहकारिता अध्यक्ष मानिकचौरी,चोवा साहू, कोमल पटेल,खिलावन साहू,डोमेश सेन एवं भारी संख्या में ग्रामीण जन की उपस्थिति रही।


