गरियाबंद

देश में फसल उत्पादन को कम करना चाहती है सरकार
15-Jun-2026 4:11 PM
देश में फसल उत्पादन को कम करना चाहती है सरकार

खाद वितरण नीति है विसंगति पूर्ण- प्रवीण क्रांति

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजिम, 15 जून। भारतीय किसान यूनियन फिंगेश्वर ब्लॉक कमेटी और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी फिंगेश्वर के संयुक्त नेतृत्व में राजिम में हुए किसान आंदोलन की समीक्षा बैठक रेस्ट हॉउस राजिम में आयोजित की गई

जिसमें भारतीय किसान यूनियन(टिकैत) छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी प्रवीण क्रांति, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कृष्ण कुमार नरवाल, प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही, प्रदेश सचिव कमल सिंह कुशवाह, गरियाबंद जिला अध्यक्ष मदन लाल साहू, जिला महासचिव योगेंद्र साहू, जिला कोषाध्यक्ष उत्तम कुमार साहू, जिला संगठन मंत्री ललित कुमार साहू, फिंगेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष रेखराम साहू की उपस्थिति में आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मदनलाल साहू ने की और आभार व्यक्त ब्लॉक अध्यक्ष रेखराम साहू ने किया। संयुक्त किसान आंदोलन का समीक्षा करते हुए प्रदेश प्रभारी प्रवीण क्रांति ने कहा कि सरकारें कॉर्पोरेट घरानो के साथ जुगलबंदी कर जल,जंगल, जमीन और पर्यावरण को लूट रही है।

 उन्होंने कहा कि पिछले खरीफ सीजन 2025 में किसानों को वितरित उर्वरक यूरिया की 80 फीसदी मात्रा एवं डीएपी की 60 फीसदी मात्रा का ही वितरण खरीफ 2026 में किया जाना है। जबकि धरातल में इसका अलग ही मानक प्रति एकड़ दो बोरी यूरिया एक बोरी डीएपी मान लिया गया है जिससे एक एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को डीएपी मिल नहीं रहा और तो और ज्यादा जमीन वाले किसानों को आधा बोरी डीएपी ही मिल रही है जिससे खेती कर पाना आसान नहीं है और सरकार के पास कोई ठोस विकल्प नहीं होने के कारण बिचौलिए मनमाने दामों में खाद बेच रहे हैं सहकारी समितियों में उर्वरक नहीं है लेकिन थोक विक्रेताओं का गोदाम भरा हुआ है जिस पर प्रशासन को सख्त कार्यवाही करने की आवश्यकता है।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार नरवाल ने कहा कि किसान प्रकृति से जुड़ा हुआ है लेकिन प्रकृति का विनाश ने प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ दिया है जिससे जलवायु में भारी परिवर्तन का नुकसान किसानों को उठाना पडता है।

 प्रदेश सचिव कमल कुशवाह ने कहा कि सरकार द्वारा निर्मित समस्याओं से सामना करने के लिए हमें सांगठनिक रूप से मजबुत होकर संघर्ष करना है।  तेजराम विद्रोही ने कहा कि खाद की बनावटी किल्लत को समझते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने कहा कि थोक उर्वरक विक्रेता बड़े पैमाने पर कालाबाजारी को बढ़ावा दें रहे हैं, आंदोलन के बाद भी किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पाता है तो ब्लॉक स्तर पर किसान अपनी खाद की मांग अनुसार प्राप्ति के लिए कृषि विभाग के कार्यालय में बैठ कर पंचायत करेंगे और ज़ब तक खाद नहीं मिल जाता तब तक जारी रहेगा। जिला अध्यक्ष मदन लाल साहू ने कहा कि संगठन को गांव-गांव में मजबूत करने के लिए एक एक सदस्य को पांच गॉव की जिम्मेदारी लेकर एक एक गॉव में पांच पांच सदस्य बनाना चाहिए जिससे ग्रामीण कमेटी और मजबूत होगी। बैठक में  संघ से जुड़े बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थन गण उपस्थित थे।


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