गरियाबंद

ढाई एकड़ सरकारी जमीन कब्जामुक्त, रेत माफियाओं का अवैध रपटा ध्वस्त
06-Jun-2026 6:47 PM
ढाई एकड़ सरकारी जमीन कब्जामुक्त, रेत माफियाओं का अवैध रपटा ध्वस्त

तहसीलदार की दो टूक चेतावनी, दोबारा रपटा बनाया तो होगी एफआईआर,

नहीं बख्शे जाएंगे कब्जाधारी और रेत तस्कर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

नवापारा-राजिम, 6 जून। नवापारा क्षेत्र में अवैध कब्जों और रेत के काले कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ा और सख्त अभियान चलाते हुए दो अलग-अलग स्थानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जहां ग्राम सेमरा में करीब 2.5 एकड़ शासकीय भूमि को कब्जामुक्त कराया, वहीं ग्राम दुलना में अवैध रेत परिवहन के लिए बनाए गए रपटे को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों और रेत माफियाओं में हडक़ंप मच गया है।

नवापारा तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर एवं रायपुर सीएसपी तुलसी लेकाम के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई को क्षेत्र में लंबे समय से चल रही अवैध गतिविधियों पर प्रशासनिक शिकंजा कसने की बड़ी पहल माना जा रहा है।

सरकारी जमीन पर कब्जा कर बेचने की थी तैयारी

ग्राम सेमरा में लगभग 2.5 एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी। जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा सरकारी भूमि को अपने निजी खेत में शामिल कर चारों ओर बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई थी और उसे बेचने की तैयारी भी चल रही थी।

शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण को हटाया और पूरी भूमि को कब्जा मुक्त कराया। साथ ही संबंधित व्यक्ति पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में अवैध निर्माण हटाए गए और सरकारी भूमि को पुन: राजस्व अभिलेखों के अनुसार सुरक्षित किया गया।

रेत माफियाओं के रास्ते पर चला बुलडोजर

दूसरी बड़ी कार्रवाई ग्राम दुलना में की गई, जहां नदी मार्ग से अवैध रेत परिवहन के लिए बनाए गए अस्थायी रपटे को जेसीबी मशीन से तीन अलग-अलग स्थानों पर तोड़ दिया गया। अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग का उपयोग लंबे समय से अवैध रेत परिवहन के लिए किया जा रहा था और रात के अंधेरे में ट्रैक्टर एवं भारी वाहनों के जरिए रेत का परिवहन किया जाता था। स्थानीय लोगों ने भी शिकायत की थी कि अवैध रेत परिवहन के कारण न केवल शासन को राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि नदी तंत्र और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।

तीसरी बार टूटा रपटा, फिर भी नहीं मान रहे रेत माफिया

गौरतलब है कि दुलना में बनाए गए इस अवैध मार्ग को प्रशासन पहले भी दो बार ध्वस्त कर चुका है। इसके बावजूद रेत माफिया कुछ समय बाद फिर से रपटा तैयार कर अवैध कारोबार शुरू कर देते थे। लगातार हो रही इस गतिविधि को देखते हुए प्रशासन ने इस बार और अधिक सख्ती बरतते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की है।

अब दोबारा बनाया तो सीधे होगी एफआईआर

कार्रवाई के दौरान तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की भूमि और प्राकृतिक संसाधनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या दोहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में दोबारा रपटा बनाकर अवैध रेत परिवहन करने का प्रयास किया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ऐसे मामलों में अब शून्य सहनशीलता की नीति पर कार्य कर रहा है।


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