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विखं. में लगाएं विशेष कैंप, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन
25-May-2026 6:27 PM
विखं. में लगाएं विशेष कैंप, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा-राजिम, 25 मई।
 छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन रायपुर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सोनकला ने बताया है कि प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने प्रदेश  के 1.20 लाख एलबी. संवर्ग के शिक्षकों की सेवा पुस्तिका के ऑडिट से जुड़ी लंबित समस्याओं को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक और कोष लेखा एवं पेंशन संचालक को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सोनकला ने मांग की है कि शिक्षकों को परेशान होने से बचाने के लिए रायपुर जिले के सभी धरसीवा, अभनपुर, आरंग व तिल्दा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, रायपुर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सोनकला, योगेश सिंह ठाकुर, सुखनंदन साहू, आयुष पिल्ले,जीतेन्द्र मिश्रा,अंजुम शेख,टिकेश्वरी साहू, कन्हैया कंसारी, अतुल शर्मा,सीएल साहू, हरीश दीवान,गोपाल वर्मा, बुद्धेश्वर बघेल, रविंद्र सॉन्गसुरतान,मनोज मुछावड,रूद्रनारायण तिवारी, शिव साहू,विभा सिंह परिहार,विनोद साहनी, इन्द्रजीत वर्मा,अनिल वर्मा, मदन वर्मा, राजेंद्र शर्मा, छम्मन पाल,कॄपा माहेश्वरी,विजय गिलहरे,भुवन अवसरिया, प्रफुल्ल मांझी,दिनेश आडिल ,विनोद ताम्रकार, समर अब्बासी, अंजलि परिहार,जागृति साहू,अंजूलता  गिलहरे, सरस्वती राघव, मौसमी शर्मा, कल्याणी वर्मा,अलंकार परिहार ,युवराज सिन्हा,मेघराज साहू,राधेश्याम बंजारे, चेतन साहू ,भोला वर्मा, संतोष सोनवानी, मोतीमाला साहू,कंचनलता यादव,टेक राम कंवर सहित पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से बताया कि सेवा पुस्तिका का समय पर और त्रुटिरहित ऑडिट होना शिक्षकों के भविष्य के लिए बेहद अनिवार्य है।

संविलियन पूर्व की सेवा की गणना, पदोन्नति, समयमान, समतुल्य वेतनमान, सातवां वेतनमान और आगामी समय में सेवानिवृत्ति के मामलों को देखते हुए यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जानी चाहिए।अभी जो सिस्टम है उसमे डीडीओ द्वारा सेवा पुस्तिका को कोष लेखा एवं पेंशन के संभागीय कार्यालय ले जाकर, तथा कुछ जिलों में स्वयं शिक्षक द्वारा कोष लेखा एवं पेंशन के संभागीय कार्यालय ले जाकर आडिट कराया जाता है। सेवा पुस्तिका के समयबद्ध ऑडिट और सत्यापन के लिए शिक्षकों को अवांछित वित्तीय भार का सामना करना पड़ता है। अक्सर यह देखा गया है कि ऑडिट कार्य को गति देने के लिए शिक्षकों से आर्थिक सहयोग या अनुचित साधनों की अपेक्षा की जाती है।
सेवा पुस्तिका के ऑडिट को पूर्णत: नि:शुल्क और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि शिक्षकों को किसी भी प्रकार का आर्थिक मानसिक तनाव न झेलना पड़े।

 शिक्षकों को अपनी सेवा पुस्तिका के ऑडिट के लिए जिला मुख्यालय या कोष लेखा कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। इसके लिए प्रत्येक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में विशेष कैंप लगाया जावे, जिससे शिक्षकों के समय की बचत हो और कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो सके।

 


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