गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 25 मई। अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर वन विभाग द्वारा ऑक्शन हॉल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उप निदेशक (यूएसटीआर) वरुण जैन उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जैव विविधता केवल पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के अस्तित्व का आधार है। उन्होंने बच्चों से प्रकृति संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाने का आह्वान किया। वन सभापति शिवांगी चतुर्वेदी ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन गई है। यदि जैव विविधता सुरक्षित रहेगी, तभी आने वाली पीढिय़ों का भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे पेड़-पौधों और वन्य जीवों की रक्षा के लिए जागरूक बनें और अपने आसपास स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी प्रकृति संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र कुमार पटेल , उप-वन मंडल अधिकारी राकेश चौबे सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और अधिक से अधिक पौधरोपण करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, भाषण एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और आमजन में जैव विविधता के महत्व को समझाना तथा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने जैव विविधता संरक्षण का संकल्प लिया।


