गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 16 मई। गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत आमदी द में विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत कृषक जागरूकता एवं प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती एवं खरीफ फसल की तैयारी को लेकर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, बीजोपचार की उपयोगिता, खरीफ फसलों में संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद एवं नील हरित शैवाल के फायदे, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग सहित फसलों में लगने वाले कीट एवं बीमारियों की रोकथाम के उपायों की जानकारी दी। साथ ही किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं, एग्रीस्टैक एवं पीएम किसान योजना में नवीन पंजीयन की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर एसडीओ मनोज कुमार अटल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेती में वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से खेत की मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आवश्यकता से अधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है, इसलिए संतुलित मात्रा में खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग जरूरी है। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया एवं जैविक विकल्पों के उपयोग से लागत कम करने और भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने की सलाह दी।
कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक ज्योति रमा एवं डॉ. खुशबू साहू ने किसानों को खरीफ सीजन में फसल प्रबंधन, बीज चयन, रोग नियंत्रण एवं जैविक खेती के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने किसानों को समय पर बीजोपचार करने तथा कीट-रोग नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक सलाह के अनुसार दवाओं का उपयोग करने की समझाइश दी।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत आमदी द के सरपंच आत्माराम, समिति प्रबंधक मनोज साहू, आरएईओ सतीश सोम सहित क्षेत्र के कृषकगण एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। किसानों ने भी कृषि विशेषज्ञों से खेती से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा कर समाधान प्राप्त किया।


