दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 5 मई। राज्य शासन द्वारा 27 मई से 11 मई तक सही दवा-शुद्ध आहार- यही छत्तीसगढ़ का आधार थीम के अंतर्गत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किये जाने हेतु प्रत्येक जिले में कार्यरत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का जांच व निरीक्षण किया। जिसमें औषधि शाखा द्वारा जांच अभियान के तृतीय चरण व आठवां दिवस 4 मई स्वापक एवं मन: प्रभावी औषधियों की जांच के तहत जिले में स्थित थोक औषधि विक्रेताओं को चिन्हाकित कर क्रय-विक्रय संबंधित दस्तावेजों की जांच करना शामिल है। इसके तहत जिले में संचालित कुल 8 थोक औषधि विक्रेता मेसर्स नियोलिफ लाईफ साइंसेज, हनुमान नगर दुर्ग, टी.एस.व्ही एजेंसीज़, ईथीराज टॉवर, भिलाई, मेसर्स श्री सिद्ध विनायक फार्मेसी, सिद्ध विनायक अस्पताल परिसर, चंद्रमौर्या टॉकिज के पास, भिलाई एवं मेडिसिन स्क्येर, डिपरापारा, स्थित धन्वंतरी एजेंसीज, शांति मेडिकोज, कामदार मेडिकोज, इंडियन मेडिकोज एवं भग्यश्री एजेंसीज दुर्ग का जांच/निरीक्षण किया गया एवं क्रय-विक्रय दस्तावेजों का परीक्षण कर मिलान किया गया फर्म से फुटकर औषधि विक्रेताओं को वितरित स्वापक एवं मन:प्रभावी औषधियों का सुक्षमता से निरीक्षण किया गया एवं राज्य के बाहर से खरीदी जाने वाली औषधियों का क्रय-विक्रय दस्तावेज का मिलान किया गया। समस्त फर्मो को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियम 1945 का कडाई से पालन करते हुए फर्म संचालन के निर्देश दिये गए। भविष्य में भी इस तरह की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। इसी प्रकार खाद्य शाखा द्वारा जांच अभियान में जिले में संचालित मेसर्स अग्रवाल बेवरेजेस, सुपेला, भिलाई, मेसर्स शिव शक्ति बेवरेजेस, कैलास नगर, भिलाई, अमर बेवरेजेस, कैलास नगर, भिलाई, सरयू बेवरेजेस चिखली, दुर्ग, मेसर्स आर. एस. प्रोडक्ट, नंदनी एवं रूद्र जल एग्रो बेवरेजेस, रसमड़ा का जांच/निरीक्षण खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् किया गया, जिसमें संचालकों को उचित साफ-सफाई के साथ व्यवसाय संचालित किये जाने एवं साथ ही साथ निर्देशित किया गया कि नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।


