दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 14 फरवरी। राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 13 फरवरी को राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया गया।
इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के बघेरा स्थित आनंद सरोवर में विशेष महिलाओं के लिए एक आयोजन किया गया। जिसमें अतिथि के रूप में भारती साहू डायरेक्टर (अथर्व कॉलेज धनोरा ),स्नेहा मित्तल (सचिव इनर व्हील क्लब ),पिंकी बंसल,नीतू श्रीवास्तव (श्रुति फाउंडेशन ),रोहिणी पाटणकर, रत्ना नारमदेव (समाजसेवी व पूर्व एल्डरमैन नगर निगम दुर्ग),प्रीति बेहरा (सदस्य आंतरिक परिवाद समिति सेना सशस्त्र बल भिलाई) ,रजनी पाटनी, ज्योति अग्रवाल,ममता गोयल,रश्मि अग्रवाल,सपना अवस्थी ,ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी ब्रह्माकुमारी चैतन्य प्रभा दीदी (राजयोग शिक्षिका) उपस्थित थे।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। उल्लेखनीय है भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मेडिकल विंग, राजयोगा एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन द्वारा संपूर्ण भारत में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा मुक्ति हेतु भिन्न-भिन्न आयोजन किया जा रहा है । जिसमें नशा मुक्ति सेमिनार, परिचर्चा, राजयोग शिविर कराया जा रहा है ताकि सम्पूर्ण समाज स्वस्थ व खुशहाल रहे ।
ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी ने कहा कि एक कड़वा सच आप सभी के सामने रख रहें हैं आज के बच्चे व्यसन की ओर कदम बढ़ाते हैं तो सबसे पहले जिम्मेदार माता-पिता होते हैं और पहले नम्बर में माँ होती है तो आज विशेष महिला सम्मेलन रखा गया है तो आज सभी से यह निवेदन करते हैं सभी संकल्प करेंगे कि कैसे बच्चों को व्यसन से मुक्त रखेंगे। एक तो है बच्चों को प्यार की कमी जब बच्चों को माता-पिता द्वारा प्यार, सराहना, प्रशंसा नही मिलता है तो बच्चा बाहर दोस्ती करता है और दोस्ती के साथ खराब संग मिलता है तो व्यसन की ओर कदम बढ़ाता है। आज इतने सब मातृ शक्ति यहाँ आनंद सरोवर के कमला दीदी सभागर में बैठे हैं सभी महाकाल शिव के सम्मुख यह प्रतिज्ञा करें कि बच्चों को गलत आदतों के वशीभूत होने नहीं देंगे। कार्यक्रम में सभी मातृ शक्ति ने प्रतिज्ञा किया कि हम सभी परमात्मा की छत्रछाया के नीचे यह प्रतिज्ञा करते हैं कि अपने परिवार को नशा से मुक्त रखेंगे । हम सदा पवित्र रहेंगे । इस अवसर पर अत्यंत ही प्रेरणादायक नृत्य नाटिका नशा नाश का द्वार है - राजयोग स्वर्ग का द्वार है की प्रस्तुति दी गई जिसमें चयन, तरुण, देवांश, कन्हैया, अभिषेक, गोपेन्द्र, यीशु, ईश्वर, हिमांशु, विवेक भाई और चहक बहन ने हिस्सा लिया। नाटक का निर्देशन ब्रह्माकुमार दाऊ भाई ने किया ।


