दुर्ग

सत्यापन में त्रुटि व लिमिट की वजह धान बेचने से वंचित हुए कई किसान
10-Feb-2026 4:59 PM
सत्यापन में त्रुटि व लिमिट की वजह धान बेचने से वंचित हुए कई किसान

मात्र तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय का दिया गया अवसर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 10 फरवरी।
सत्यापन में त्रुटि व लिमिट की वजह से धान बेचने से वंचित किसानों बढ़ी हुई तिथि में भी मौका नहीं मिला, इससे अनेक किसान अभी भी अपनी पूरी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं। मात्र तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय का अवसर दिया गया।

ग्राम डुन्डेरा के किसान भागवत देवांगन ने बताया कि उनके पास 70 क्विंटल धान होने के बावजूद सत्यापन में 32 क्विंटल दर्ज कर दिया गया इससे वे अपने पूरे धान का विक्रय नहीं कर पाए जबकि वे बैंक से कर्ज भी लिए हैं। उमरपोटी के एक किसान इन्हीं कारणों से अपनी पूरी उपज नहीं बेच पाए। जानकारी के अनुसार जिले में ऐसे ही कई किसान अपना पूरा धान विक्रय नहीं कर पाए हैं। कुछ किसान तो लिमिट कम होने की वजह पूरा धान विक्रय नहीं कर पाए हैं जिनमें रोष व्याप्त है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस 5 एवं 6 फरवरी  तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है। जो तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सके इनमें ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें 28, 29  एवं 30 जनवरी  को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे। बढ़ी हुई अवधि के पहले दिन 5 फरवरी को  जिले में 8594 क्विंटल धान खरीदी हुई। वहीं आज दूसरे दिन 6 फरवरी को 286 क्विंटल धान खरीदी की गई, जिसे मिलाकर जिले में वर्ष 2025-26 में कुल 5590640 क्विंटल धान की खरीदी हुई है जबकि गत वर्ष 5761070 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी।
इस प्रकार इस साल गत वर्ष के मुकाबले 170430 क्विंटल धान की खरीदी हुई है।


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