दुर्ग

अपराधी को केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध करने आदेश
10-Feb-2026 5:51 PM
अपराधी को केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध करने आदेश

दुर्ग, 10 फरवरी। दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने पुलिस अधीक्षक खैरागढ़-गंडई-छुईखदान के प्रतिवेदन पर स्वापक, औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार, निवारण अधिनियम-1988 की धारा-3 सहपठित धारा-11 के तहत न्यायालयीन आदेश पारित कर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त मेहरून निशा पति ईस्माईल खान निवासी वार्ड-08, माहरापारा थाना गंडई जिला खैरागढ़-गंडई-छुईखदान को 3 माह के लिए केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध करने आदेशित किया है।

आदेश पारित करने के पूर्व संभाग आयुक्त द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत जवाब/तर्क, न्याय दृष्टांतों एवं शपथपूर्वक कथन का अध्ययन कर उस पर मनन किया गया। प्रकरण में प्रस्तुत ईश्तगासा मय दस्तावेजों का अवलोकन किया गया है। तथ्य के अनुसार मेहरून निशा  के विरूद्ध नारकोटिक्स एक्ट के 02 मामले दर्ज कर कार्यवाही की गई है। जिसमें अपराध क्रमांक 105/2023 एवं 190/2025 वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। अनावेदिका जमानत पर जेल से छूट जाने के पश्चात् लगातार मादक पदार्थ में खरीदी-बिक्री में संलप्ति रही है तथा उसकी प्रवृत्ति में कोई सुधार नहीं हुई है। वर्तमान में भी अनावेदिका के विरूद्ध गांजा सहित अन्य मादक पदार्थ बेचने की शिकायतें लगातार मिलती रही है।

स्वतंत्र साक्षी के शपथपूर्वक बयान में भी अनावेदिका द्वारा जेल से छूटने के बाद पुन: मादक पदार्थ विक्रय करने में संलिप्त रहने का तथ्य प्रकाश में आया है। जमानत पर न्यायालय से छूट जाने से उसका मनोबल बढ़ता जा रहा है। उनकी आपराधिक गतिविधियों से समाज में रहने से विपरीत प्रभाव पडऩे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में प्रकरण में आये प्रतिवेदन, जवाब, साक्षियों के बयान एवं तर्क के आधार पर उसे जेल में निरूद्ध किया जाना आवश्यक है।


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