दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 5 फरवरी । छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा धान खरीदी की अवधि को मात्र दो दिवस 5 एवं 6 फरवरी तक बढ़ाया जाना किसानों की पीड़ा का समाधान नहीं, बल्कि एक राजनीतिक दिखावा है। यह फैसला किसी संवेदनशील सरकार की पहल नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेशभर में किए गए चक्काजाम और आंदोलन एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा लिखे गए पत्र के दबाव का सीधा परिणाम है।
उक्त बातें जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने एक बयान जारी कर कहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को गुमराह करने का काम कर रही है। सरकार ने जो दो दिन की अवधि बढ़ाई है, वह केवल पूर्व में काटे गए टोकन पर ही सीमित है, अर्थात जो किसान जिनका धान खरीदी के अंतिम दिन 30 जनवरी तक धान बेचने टोकन कटा था लेकिन देर रात होने के कारण खरीदी नही हो पाया था उन्हीं किसानों का धान 2 दिन तक लिया जाएगा, जबकि हजारों ऐसे किसान हैं जिनका टोकन नहीं कट पाया और आज भी वे अपनी उपज बेचने से वंचित हैं। टोकन से वंचित किसानों का धान भाजपा सरकार अभी भी खरीदने को तैयार नहीं है, जो सरकार की किसान-विरोधी सोच को साफ उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार में जरा भी ईमानदारी होती, तो टोकन की शर्त समाप्त कर सभी किसानों का धान खरीदा जाता। दो दिन की औपचारिक बढ़ोतरी कर भाजपा सरकार सिर्फ शिगूफा है, जबकि किसान आज भी मंडियों व कोचिये के चक्कर मे भटकने को मजबूर हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि टोकन से वंचित किसानों को जानबूझकर धान बेचने से रोका जा रहा है, यह सरासर अन्याय है। उन्होंने मांग की कि ऐसे सभी किसानों का धान खरीदने का तत्काल निर्णय सरकार ले, अन्यथा कांग्रेस पार्टी और भी आक्रामक आंदोलन छेड़ेगी।


