दुर्ग

बजट में सहकारिता क्षेत्र के लिए कई सौगातें-बेलचंदन
05-Feb-2026 5:13 PM
बजट में सहकारिता क्षेत्र के लिए कई सौगातें-बेलचंदन

छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 5 फरवरी।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने बजट पर कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में सहकारिता की भूमिका को इस वर्ष के केन्द्रीय बजट में सशक्त और औपचारिक मान्यता दी गई है। यह बजट इसलिए विशेष है क्योंकि इसमें सहकारी संस्थाओं को कृषि, ग्रामीण विकास और किसान कल्याण की केन्द्रीय एवं महत्वपूर्ण संस्थाओं के रुप में स्पष्ट रुप से स्वीकार किया गया है। इसका प्रमाण बजट ज्ञापन में सहकारिताओं के लिए दिए गए विशेष लाभों को समझाने हेतु समर्पित खण्ड से मिलता है, साथ ही  वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में भी सहकारिता क्षेत्र को विशेष रुप से शामिल करते हुए उसकी भूमिका और महत्व को रेखांकित किया है।

उन्होंने कहा यह बजट किसानों और सहकारी समितियों की जमीनी वास्तविकताओं की गहरी समझ को दर्शाता है। ऐसा ही एक सुधार प्राथमिक सहकारी समितियों को आयकर में कटौती की सुविधा देना है, जो अपने सदस्यों द्वारा उत्पादित कपास बीज और पशु आहार की आपूर्ति करती है। कपास की खेती और डेयरी गतिविधियों आजीविका के प्रमुख साधन है तथा पशु आहार और कपास बीज इन क्षेत्रों के अत्यंत महत्वपूर्ण इनपुट है। इस कटौती की अनुमति देकर सरकार ने प्राथमिक सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति को मजबूत किया है और यह सुनिश्चित किया है कि सहकारी गतिविधियों का लाभ बेहतर कीमतों, बेहतर सेवाओं और मजबूत संस्थानों के रुप में सीधे किसानों तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि इस बजट में एक और महत्वपूर्ण सुधार यह है कि नई कर व्यवस्था के अंतर्गत सहकारी समितियों को अन्य सहकारी समितियों से प्राप्त लाभांश पर भी कर में कटौती की अनुमति दी गई है, बशर्ते यह लाभांश आगे अपने सदस्यों को वितरित किया जाए। यह प्रावधान अत्यंत न्यायसंगत है, क्योंकि इससे सहकारी संरचना में दोहरी कराधान की समस्या समाप्त होगी।
अब इस सुधार से सहकारी समितियों को अपनी आय अपने सदस्यों तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।


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