दुर्ग
दुर्ग, 2 फरवरी। कांग्रेस जिला दुर्ग के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने बजट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट रिफॉर्म बजट नहीं बल्कि जनता की पीड़ा से आंख चुराने वाला, कॉर्पोरेट हितों की रक्षा करने वाला और गरीब-विरोधी दस्तावेज है। सरकार ने इस बजट में बड़े-बड़े शब्दों और आकर्षक नारों के पीछे आम नागरिक की समस्याओं को पूरी तरह छिपाने का प्रयास किया है।
श्री ठाकुर ने कहा कि देश आज महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और मध्यम वर्ग की टूटती कमर जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन केंद्र सरकार ने इन मुद्दों पर कोई ठोस समाधान देने के बजाय केवल आंकड़ों और घोषणाओं की बाजीगरी की है। आम जनता को राहत देने के लिए न तो आयकर में कोई वास्तविक छूट दी गई और न ही रोजमर्रा की जरूरतों की महंगाई कम करने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार एआई, डिजिटल इंडिया और इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर करोड़ों रुपये के प्रावधान दिखा रही है, लेकिन यह पूरी तरह रोजगारविहीन विकास मॉडल है। युवाओं के लिए न तो स्थायी नौकरियों की व्यवस्था की गई और न ही बंद पड़ी सरकारी भर्तियों को शुरू करने की कोई मंशा दिखाई दी। राकेश ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल में माइनिंग कॉरिडोर की घोषणा यह साबित करती है कि भाजपा सरकार का असली एजेंडा प्राकृतिक संसाधनों को कॉर्पोरेट कंपनियों के हवाले करना है।


