दुर्ग
नगर निगम कर्मचारियों का आंदोलन, आयुक्त को सौंपा मांगों का ज्ञापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग,10 जनवरी। स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के आव्हान पर आंदोलन के प्रथम चरण में निगम के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आज स्वायत्तशासी कर्मचारी संघ के नेतृत्व में गेट मीटिंग कर एक दिवसीय रैली निकाली। नियमितीकरण व पेंशन समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर निगम कर्मचारियों की रैली। रैली के पश्चात संघ के पदाधिकारियों ने नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल को कर्मचारियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
स्वायत्तशासी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय मिश्रा एवं महामंत्री अनिल सिंह के नेतृत्व में 265 से अधिक निगम कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से शासन से मांग की कि छत्तीसगढ़ शासन की घोषणा के अनुरूप अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाए। ठेका प्रथा को समाप्त कर प्लेसमेंट एवं अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।
ज्ञापन में मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों को प्रति व्यक्ति 105 रुपये की दर से चुंगी क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने, कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निर्धारित तिथि पर वेतन भुगतान किए जाने की मांग की गई।
इसके साथ ही अन्य विभागों की भांति ओल्ड पेंशन योजना शीघ्र लागू करने, छठवें एवं सातवें वेतनमान की एरियर्स राशि के भुगतान की स्वीकृति देने, कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक के इलाज हेतु कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की मांग रखी गई। संघ ने नगर निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए नवीन सेटअप स्वीकृत कर पदोन्नति का लाभ देने, साथ ही डाटा एंट्री ऑपरेटर, लाइनमैन, वाहन चालक, पंप अटेंडेंट, सफाई दरोगा, सफाई कर्मी एवं प्लंबर कर्मचारियों के लिए पदोन्नति चैनल निर्धारित कर नवीन पद सृजित करने की मांग भी की। इसके अलावा नगरीय निकाय कर्मचारियों पर लागू आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली को निरस्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
ज्ञापन सौंपते समय यूनियन के अध्यक्ष संजय मिश्रा, महामंत्री अनिल सिंह सहित शशिकांत यादव, हरिशंकर साहू, पंकज साहू, मोहित मरकाम, राजू बक्शी, योगेंद्र वर्मा, ठाकरे, लवकुश शर्मा, अद्भ्युद मिश्रा, गौतम साहू, लता यादव, किरण अग्रवाल, रेखा कुर्रे, लक्ष्मी साहू, हेमलता वर्मा, साक्षी वर्मा सहित 265 से अधिक नगर निगम कर्मचारी उपस्थित रहे।


