दुर्ग

जमीन की गाइड लाइन दर में वृद्धि के विरोध में कांग्रेसियों ने साय सरकार का पुतला फूंका
30-Nov-2025 3:54 PM
जमीन की गाइड लाइन दर में वृद्धि के विरोध  में कांग्रेसियों ने साय सरकार का पुतला फूंका

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

दुर्ग, 30 नवंबर। जिला मुख्यालय दुर्ग में नवनियुक्त दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, भिलाई जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के संयुक्त नेतृत्व में पूर्व विधायक अरुण वोरा, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र साहू, दीपक दुबे आदि की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ में पंजीयन दर में बेतहाशा वृद्धि के विरोध में कांग्रेसियों ने प्रदेश भाजपा सरकार का पुतला दहन किया। साथ ही जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेसियों ने गाईड लाईन की दरों में भारी बढ़ोतरी अनुचित एवं सरकार का अदूरदर्शी पूर्ण निर्णय बताया।

दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार आने के बाद भूमि की सरकारी दर 40 से 500 प्रतिशत बढ़ गयी, यह सरकार का अदूरदर्शी फैसला है। गाईड लाइन की दर बढऩे से आम आदमी को परेशानी होगी, लोगों का मकान, दुकान, फैक्ट्री बनाने का खर्च बढ़ जायेगा। भूमि की खरीदी-बिक्री बंद हो जायेगी या कम हो जायेगी, बेरोजगारी बढ़ेगी। यह प्रदेश के विकास में बाधा पहुंचाने वाला फैसला है। इस फैसले का कांग्रेस पार्टी विरोध करती है। पूरे देश में ऐसा कहीं नहीं हुआ कि एक साल में जमीन की गाईडलाईन 130 से 500 प्रतिशत तक बढ़ा दी गयी हो मुंबई, हैदराबाद, दिल्ली, पुणे जैसे एवं अन्य बड़े शहरों में भी जमीन की गाईडलाईन की दर एक बार में 10 से 15 प्रतिशत ही बढ़ाई जाने की परंपरा रही है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पहले ही भूमि के गाईड लाईन दरों में कांग्रेस सरकार के समय दिये जाने वाले 30 प्रतिशत छूट को समाप्त कर दी है। दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि पिछले हफ्ते ही सरकार ने निवेश क्षेत्र में कृषि भूमि की रेट की गणना में परिवर्तन किया, यदि एक किसान को एक एकड़ जमीन बेचना है तो शुरूआत के 15 हजार वर्गफीट तक वर्गफीट के हिसाब से स्टांप ड्यूटी देना होगा तथा उसके बाद की जमीन पर हेक्टेयर के दर से स्टांप ड्यूटी देनी होगी।

 

इससे राजधानी के आसपास कृषि जमीने खरीदना महंगा होगा, किसानों की जमीनें बिकना बंद हो जायेगी। भिलाई कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि 30 लाख की जमीन के लिए 22 लाख की स्टांप ड्यूटी कोई सरफिरा या तुनकमिजाज सरकार ही लगा सकती है।  कुछ क्षेत्रों में रजिस्ट्री शुल्क और जमीन की कीमत एक बराबर होगी, कुछ क्षेत्रों में जमीन की कीमत से ज्यादा रजिस्ट्री शुल्क देना पड़ेगा। पूर्व विधायक अरुण वोरा  ने कहा कि सरकार ने पहले ही 5 डिसमिल से कम जमीनों की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसके कारण गरीब आदमी मकान नहीं बना पा रहा, किसी के पास सिर्फ 1000 या 2000 वर्गफीट जमीन है तो वह उसमें से आधा नहीं बेच सकता। प्रदेश महामंत्री राजेंद्र साहू ने कहा कि सरकार के द्वारा जमीन की रजिस्ट्रियों के संबंध में, भूमि के गाईडलाईन के संबंध में सरकार के फैसले जनता के हितों के खिलाफ है।

पुतला दहन में विशेष रूप से राजीव गुप्ता, संजय कोहले, प्रवक्ता नासिर खोखर, राजकुमार पाली, अजय मिश्रा, राजकुमार साहू, प्रेमलता साहू, अनूप वर्मा, मुकेश साहू, सुशील भारद्वाज, निकिता मिलिंद, हेमा साहू, अब्दुल गनी, अजय गोलू गुप्ता, राहुल शर्मा, आनंद ताम्रकार, सौरभ ताम्रकार, शिशिरकांत कसार, सुनीत घोष, चिराग शर्मा, विकास सापेकर,  शिव वैष्णव, प्रकाश ठाकुर, कमलेश साहू, उमेश बारले, श्रीकांत वर्मा, शिवकुमार वर्मा, अरुण साहू, जितेंद्र वर्मा, अशोक साहू, जीवन निर्मलकर, लुमेश्वर पटेल, ठाकुर राम साहू, ज्वाला साहू, लोचन यादव आदि मौजूद थे।


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