दुर्ग
एसआईआर समीक्षा को लेकर कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 25 नवंबर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर ) की वास्तविक स्थिति और लगातार बढ़ती जमीनी चुनौतियों को देखते हुए आज खैरागढ़ में कांग्रेस की एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे और पीसीसी प्रभारी वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। बैठक में बीएलए-2 सदस्यों, ब्लॉक पदाधिकारियों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ खैरागढ़ क्षेत्र में एसआईआर प्रक्रिया की वास्तविक प्रगति पर विस्तार से समीक्षा की गई। धरातल पर कितने फॉर्म वितरित हुए, कितने भरे जा चुके हैं, किन इलाकों में बीएलओ की कमी या दस्तावेज़ संबंधी दिक्कतें हैं, और कहीं कोई परिवार या नागरिक प्रक्रिया से वंचित तो नहीं रह गया — इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
अरुण वोरा और रविंद्र चौबे ने स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे घर–घर पहुँचकर यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र नागरिक तक फॉर्म पहुँचे, फ़ॉर्म भरने में सहायता मिले, और किसी ग्रामीण, महिला, बुजुर्ग या आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से छूटने न पाए। कार्यकर्ताओं को यह भी कहा गया कि बीएलओ पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए वे उन्हें हर संभव सहयोग दें और समस्या आने पर तुरंत संगठन को सूचित करें।
कांग्रेस हर जिले और हर ब्लॉक में यह सुनिश्चित कर रही है कि ग्रामीण, आदिवासी, शहरी—किसी भी क्षेत्र का नागरिक वंचित न हो। हमारे कार्यकर्ता सतत रूप से बीएलओ और बीएलए-02 टीमों की मदद कर रहे हैं, क्योंकि यह प्रक्रिया सरकार की नहीं, नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ी है। हम यह मांग दोहराते हैं कि एसआईआर को पारदर्शी, व्यवस्थित और मानवीय दृष्टिकोण से लागू किया जाए। जल्दबाज़ी लोकतंत्र को कमजोर करेगी, जबकि संवेदनशीलता उसे मज़बूत बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर की अव्यवहारिक समय-सीमा और पुराने रिकॉर्ड की अनुपलब्धता के कारण लोगों तक फॉर्म पहुँच ही नहीं पा रहे, जिससे वास्तविक मतदाता वंचित होने का खतरा बढ़ता जा रहा है।


