दुर्ग
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दुर्ग, 8 अक्टूबर। कलेक्टर अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा पंचायतों में संचालित निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
मनरेगा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमोदित लेबर बजट और मानव दिवस सृजन व युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिये गये। जिले की कुल 300 ग्राम पंचायतों में से 92 जल संकट ग्रसित, 166 अर्द्ध जल संकट ग्रसित तथा 42 ग्रीन ज़ोन क्षेत्र के रूप में केंद्रीय भू-जल बोर्ड द्वारा चिन्हांकित किये गये हैं। अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों की कार्य योजना में इन क्षेत्रों को सम्मिलित करने के निर्देश दिये गये। युक्तधारा पोर्टल पर दो श्रेणियों में कार्य प्रस्तावित हैं। पहली श्रेणी में वृक्षारोपण, तालाबों में मछली पालन, रिचार्ज पिट और नाली निर्माण जैसे कार्य शामिल होंगे। वहीं दूसरी श्रेणी में पशु शेड, आंगनबाड़ी भवन, मुक्तिधाम शेड जैसे निर्माण कार्य रखे जायेंगे। जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को इन कार्यों की योजना तैयार करने को कहा गया है।
बैठक में सीईओ बजरंग दुबे ने बताया कि जिले में अब तक 130 अमृत सरोवर निर्माण किए जा चुके हैं, जिनमें से 69 में आजीविका गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। शेष सरोवरों में शीघ्र आजीविका गतिविधियाँ जैसे मत्स्य पालन, बत्तख पालन और सिंघाड़ा उत्पादन शुरू करने के निर्देश दिए गए। स्व-सहायता समूहों को इस दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिले में जनपद पंचायत धमधा के 889, दुर्ग के 283 और पाटन के 431 कुल मिलाकर 1603 आवास अपूर्ण हैं। जनपद धमधा द्वारा 20 अक्टूबर तक 300, दुर्ग द्वारा 150 तथा पाटन द्वारा 300 आवास पूर्ण करने की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने सभी आवासों को तय समय में पूर्ण करने के निर्देश दिये। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना के 649 अप्रारंभ आवासों को अक्टूबर 2025 के अंत तक प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत कुल 212 छत स्तर आवासों को अक्टूबर माह के अंत तक, 279 छत स्तर आवासों को नवंबर के अंत तक तथा 207 लिंटल स्तर आवासों को दिसंबर के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गये हैं।


