दुर्ग
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दुर्ग, 25 सितंबर। जिले भर में बुधवार को झमाझम बारिश होने से शिवनाथ का जलस्तर फिर बढऩे लगा है। वहीं मौसम विभाग ने 2 दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है।
इस बारिश से अर्ली वेरायटी के धान की फसल को नुकसान की संभावना को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल के समीपवर्ती क्षेत्रों में निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से दो दिनों तक भारी से अति भारी वर्षा के साथ अधिकांश स्थानों पर बारिश की संभावना है। 2 दिनों के बाद बारिश में कमी आने की संभावना है। सुबह से बारिश शुरू हो गई थी जो दोपहर होते होते जोर पकडऩे लगा। दोपहर तक ही 9 मिमी वर्षा हो चुकी थी। शाम के समय तेज हवा के साथ झमाझम बारिश होने लगी। इससे गली मोहल्लों में लबालब पानी भर गया। जिले के विभिन्न स्थानीय नालों से नदी में पानी का आवक समाचार लिखे जाने तक बढ़ गया था, इससे शिवनाथ नदी का जलस्तर बढऩे लगा। वहीं मोंगरा से भी 3000 क्यूसेक पानी शिवनाथ में छोड़ा जा रहा है।
जल संसाधन विभाग के ईई सुरेश पांडेय के अनुसार जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा और बढऩे की संभावना है, इससे शिवनाथ का जलस्तर बढ़ सकता है।
जलाशयों के कैचमेंट एरिया में भी अच्छी बारिश हुई है। इससे तांदुला, खरखरा, गोंदली व खपरी जलाशयों में पानी का भारी आवक बना हुआ है। खरखरा, खपरी पहले से छलक रहा है। वहीं तांदुला में 98 तथा गोंदली जलाशय में वर्तमान में 91 प्रतिशत जलभराव है।
रमेश कुमार सहित कई किसानों ने बताया कि भारी बारिश व तेज हवा से धान के पौधे गिर गए। वहीं छग प्रगतिशील किसान संगठन के महासचिव झबेन्द्र भूषण वैष्णव का कहना है कि बहुत से किसानों की धान फसल दो सप्ताह बाद कटना शुरू हो जाएगा। ऐसे अर्ली वेरायटी की फसल को नुकसान की संभावना है। फ्लावरिंग स्टेज में जो पौधे है उसके भी बदरा होने की संभावना बढ़ जाएगी। वहीं जमीन गीली हो जाने से अब अर्ली वेरायटी की फसल पक जाने के बाद भी इसकी कटाई में विलंब से दाना झड़ेंगे। जालम पटेल का कहना है इस बारिश से सब्जियों की फसल को भी नुकसान की संभावना है। दिन भर जारी बारिश के बाद तापमान में गिरावट आया है, इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है।
आज दुर्ग में अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस था जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 23.2 था जो सामान्य से 1.2 डिग्री कम है। जिले में 1 जून से 24 सितम्बर तक 806.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 1152.5 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 604.2 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील बोरी में 717.6 मिमी, तहसील अहिवारा में 774.6 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 765.4 मिमी और तहसील दुर्ग में 821.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 24 सितम्बर 2025 को तहसील दुर्ग में 0.0 मिमी, तहसील धमधा में 2.4 मिमी, तहसील पाटन में 5.3 मिमी, तहसील बोरी में 0.0 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 14.0 मिमी और तहसील अहिवारा में 12.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।


