दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 21 सितंबर। जीवन आनंद फाउंडेशन भिलाई एवं भाजपा नेता विनोद सिंह द्वारा आयोजित श्री राम कथा महिमा पूज्य राजन जी महाराज के मुख से रामकथा के नौवें और अंतिम दिन हजारों की संख्या में भिलाई वासियों ने कथा श्रवण किया।
कथा में कई विशिष्ट और अतिविशिष्ट अतिथि भी पहुंचे जिनमें उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खादी एवं ग्रामोद्योग विकास बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडे , जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, एडिशनल एसपी दुर्ग शहर एवं ग्रामीण सुखनंदन राठौर एवं अभिषेक झा समेत नगर निगम भिलाई के अधिकारी, भाजपा नेतागण एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
श्री राम कथा के विराम दिवस पर महाराज जी ने किष्किंधा कांड, सुंदरकांड, लंका कांड एवं उत्तरकांड का वर्णन किया। 9वें दिवस की कथा की शुरुआत प्रात: दस बजे ही हो गई जो लगभग चार घंटे चली। विराम दिवस की कथा में 9 दिनों में सर्वाधिक भीड़ उमड़ी जो कि हजारों कि संख्या में थे।
विशिष्ट अतिथि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने व्यासपीठ का पूजन किया। महाराज जी से भेंट किया एवं सुंदरकांड की पूरी कथा श्रवण किया। जीवन आनंद फाउंडेशन ने मंच पर उनका सम्मान किया। महाराज जी ने रामायण के प्रसंग से जोड़ते हुए एक बात गृहमंत्री को निवेदित किया जिसमें उन्होंने कहा जिस देश में दंड व्यवस्था कमजोर होती है उसका भगवान ही मालिक है। उन्होंने कहा सबसे अधिक सुदृढ़ होता है आर्थिक दंड नागरिकों को सही रास्ते पर लाने के लिए आर्थिक दंड एक बड़ा विकल्प हो सकता है।
कथा ने सुंदर कांड में प्रवेश किया जहां जामवंत जी हनुमान जी को उनकी शक्तियों का एहसास दिलाते है। लंका जाने की हनुमान जी सीता जी का पता लगाने पहुंचे जहां महराज जी ने हनुमान जी के बल, बुद्धि और पराक्रम का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया। लंका कांड में प्रवेश करते हुए महाराज जी ने रावण द्वारा हनुमान जी के पूंछ पर आग लगाने से लेकर लंका दहन का जिक्र किया। तपश्चात उत्तर कांड में राम जी के दिव्य अभिषेक एवं राजतिलक का प्रसंग सुनाया। जिसमें आ ही गए रघुनंदन भजन सुनाया जिसमें समस्त श्रोतागणों ने जमकर नृत्य किया।
छोटा बनकर रहिएगा समस्या भी छोटी बनकर निकल जाएंगे। छोटा बनकर रहेंगे तो सदैव आशीर्वाद प्राप्त होगा।
पूज्य राजन जी ने सुरसा और हनुमान जी के प्रसंग से बताया कि कैसे सुरसा ने कई योजन तक अपना अपना आकार बढ़ाया लेकिन बहुत छोटा रूप लेकर उन्होंने सुरसा को विवश कर दिया उनकी चरणों में आने के लिए। विभीषण ने रावण को बहुत समझाया, पर रावण नहीं समझा इसपर महाराज जी ने कहा जीवन में केवल जो समझने को तैयार उसे ही समझाने का प्रयास करें। जो समझने के लिए तैयार ही नहीं उसे समझाने में ऊर्जा व्यर्थ नहीं करना चाहिए।
कथा विराम की घोषणा करते हुए महाराज जी ने श्रोताओं को सूचित किया कि आगामी 2028 में पुन: वें जीवन आनंद फाउंडेशन एवं विनोद सिंह के नेतृत्व में कथा करेंगे। महाराज जी ने कहा 16 सालों से कथा कर रहा हु लेकिन कभी भिलाई में कथा गाने का अवसर नहीं मिला इसलिए लिए आयोजक विनोद सिंह एवं जीवन आनंद फाउंडेशन को धन्यवाद दिया। महाराज जी ने कहा पितृपक्ष पर किए गए पुण्य का लाभ पितरों को मिलता है आप सभी भाग्यशाली है जिन्होंने इस कथा को श्रवण किया।
आयोजक विनोद सिंह ने किया आभार प्रकट उन्होंने कहा जीवन आनंद फाउंडेशन की ओर से प्रभु श्री राम जी की प्रणाम करते हुए, व्यासपीठ को प्रणाम हुए, पूज्य राजन जी महाराज के पावन चरणों को प्रणाम करते हुए पधारे आप सभी श्रोता समाज को प्रणाम करता हूं।
तत्पश्चात जिला प्रशासन विशेषकर जिला पुलिस बल के प्रति आभार व्यक्त करना चाहूंगा। जिन्होंने रामकथा की घोषणा के पहले दिन से ही व्यवस्था में मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान कर रहे है। कथा का प्रसारण लाइव तो पूरी दुनिया देख रही थी लेकिन उसे भिलाई और छत्तीसगढ़ के एक एक घर तक पहुंचाने का काम जो हमारे प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के साथियों ने किया वह नमन योग्य है। इस व्यापक कवरेज के लिए आप सभी का हृदय से आभार।


