दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 31 अक्टूबर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित की 106वां वार्षिक साधारण सभा की बैठक प्रधान कार्यालय दुर्ग में बैंक के प्राधिकृत अधिकारी जवाहर वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से दिवंगत सहकारी जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारियों को श्रद्धांजलि दी गयी।
कार्यक्रम का प्रारंभ राजगीत उपरांत किया गया। बैठक में बैंक से संबद्ध सहकारी समितियों के बैंक प्रतिनिधियों ने आमसभा में भाग लिया। आमसभा की कार्यवाही प्रारंभ करते हुए अध्यक्ष द्वारा बैंक के प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्ष 2020-21 में बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक एवं नाबार्ड के निर्धारित मापदण्डों के अनुसार अंकेक्षण में अ वर्ग प्राप्त किया है। वर्ष 2020-21 में बैंक द्वारा सभी आवश्यक प्रावधान करते हुए शुद्ध लाभ 1250.54 लाख अर्जित किया। इस प्रकार बैंक वर्ष 2020-21 में रुपये 6496.32 लाख कुल संचित लाभ की स्थिति में आ गया। बैंक द्वारा आर.बी.आई. एवं नाबार्ड के निर्धारित मापदण्डों का पालन करते हुए समस्त प्रावधान किए गए है। शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन बैंक द्वारा कृषकों के हित में गंभीरतापूर्वक किया जा रहा है।
आमसभा में बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अपेक्षा व्यास ने बैंक के वार्षिक प्रतिवेदनों का वाचन किया तथा आमसभा में रखे गये प्रस्तावों की सर्व सम्मति से स्वीकृति उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा दी गयी। प्रतिनिधियों द्वारा आमसभा में अपने-अपने विचार रखे गए। प्रतिनिधियों द्वारा धान का परिवहन समयावधि में कराने तथा अल्पावधि ऋण पर ब्याज अनुदान की राशि समिति को विलंब से प्राप्त होने के कारण ब्याज हानि की प्रतिपूर्ति बैंक के माध्यम से शासन से किए जाने की मांग की गई। धान उपार्जन हेतु प्रासंगिक एवं सुरक्षा भण्डारण व्यय में वृद्धि एवं समिति स्तर पर सूखत इत्यादि की मांग की गयी।


