दुर्ग

पंथी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई देवदास बंजारे ने- अमरजीत
02-Sep-2021 5:38 PM
पंथी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई देवदास बंजारे ने- अमरजीत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
दुर्ग, 2 सितंबर।
सतनामी आश्रम दुर्ग में छत्तीसगढ़ पंथी नृत्य संगठन (अकादमी) भिलाई द्वारा देवदास बंजारे लोककला महोत्सव का आयोजन हुआ। राज्य स्तरीय पंथी सतनाम भजन की प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम में वरिष्ठ लोक कलाकार शामिल हुए।

समारोह के मुख्य अतिथि संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि देवदास बंजारे ने छत्तीसगढ़ की लोककला संस्कृति पंथी लोकनृत्य विधा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। पंथी नृत्य के माध्यम से गुरु बाबा घासीदास के उपदेश, सन्देश, भाईचारा और मनखे मनखे एक समान जैसे अमृत वाणी को विश्व के कोने-कोने में पहुंचाने में बंजारे का अमूल्य योगदान है।      

मंत्री ने इस समारोह में भाग लेने वाले सभी कला मंडलियों को विभाग के तरफ से 11-11 हजार देने का घोषणा की और प्रतिवर्ष आयोजन के लिए शासन के तरफ से देवदास बंजारे लोककला महोत्सव एवं गनियारी लोककला महोत्सव के लिए अनुदान देने की घोषणा की।  ऐसे वृहद आयोजन के लिए समिति के अध्यक्ष अमृता बारले एवं प्रभारी डॉ. पी. बालकिशोर को बधाई दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक अरुण वोरा ने देवदास बंजारे को पंथी नृत्य के अनमोल हीरा बताया। विशिष्ट अतिथि पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई, दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल, जिला अस्पताल दुर्ग के सिविल सर्जन डॉ. पी. बालकिशोर, दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निर्मल कोसरे, डॉ. अजय मोहन सहाय, बी.आर. बंजारे, पद्मश्री अनुपरंजन पांडेय, पूर्व विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, समाजसेवी नितेश गेंडरे आदि अतिथियों ने पंथी व देवदास बंजारे के जीवन वृतांत को विस्तारपूर्वक बताया।
स्वागत भाषण कार्यक्रम संयोजक पद्मश्री डॉ. आर. एस. बारले, आभार प्रदर्शन डॉ. पी. बालकिशोर, मंच संचालन खिलेंद्र यादव, निर्मल किशरे, भगवान दास टण्डन, भूपेंद्र चाणक्य, दिनेश जांगड़े एवं अजय चतुर्वेदी ने किया। 

स्वर्गीय देवदास बंजारे स्मृति सम्मान गौकरण दास बघेल को, मोतीलाल स्मृति सम्मान आर.एन. वर्मा सदस्य पिछड़ा आयोग, गुरु घासीदास सामाजिक दलित चेतना सम्मान पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. कुर्रे को, गुरु बालकदास वीरता पुरस्कार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कविलाश टण्डन को, भक्त माता कर्मा सम्मान श्रीमती श्रद्धा पुरेन्द्र साहू को, गुरु आगम दास समाजिक समरस्ता सम्मान एस.एल. जांगड़े, अपर श्रम आयुक्त को, मिनीमाता स्मृति सम्मान गुरु वन्दना महिला समिति ग्राम गनियारी को, शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति सम्मान राम ठाकुर को, डॉ. भीम राव अम्बेडकर स्मृति सम्मान राजन पाटिल अर्जुन्दा को, बिलसाबाई केंवटीन स्मृति सम्मान फिल्म निर्माता तरुण निषाद को, राज राजेश्वरी करुणा माता स्मृति सम्मान श्रीमती गीता बंजारे को, बहादुर कलारिन स्मृति सम्मान श्रीमती जितश्वरी हिरेश सिन्हा को, डॉ. खूबचन्द बघेल स्मृति सम्मान डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर रायपुर को, दादा नकुल देव ढ़ीढ़ी स्मृति सम्मान डॉ. पी. बालकिशोर सिविल सर्जन जिला अस्पताल दुर्ग को, पद्मविभूषण हबीब तनवीर स्मृति सम्मान राकेश तिवारी को, प्रेम साइमन स्मृति सम्मान प्रेम तपस्वी राजवीर को, स्व. श्रीमती सुरुज बाई खांडे स्मृति सम्मान श्रीमती रेखा जलक्षत्रिय को, बाल गोपाल कृष्ण सखा सम्मान खिलेंद्र कुमार यादव को, शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति सम्मान ब्रम्हानन्द देशलहरे सहित लगभग 20 हस्तियों को पुरोधा सम्मान प्रदान किया गया।

 इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ माटीपुत्र सम्मान में डॉ. नत्थू तोड़े, कुलेश्वर ताम्रकार, दुकालु यादव सहित 25 हस्तियों को छत्तीसगढ़ माटीपुत्र सम्मान किया गया. छत्तीसगढ़ सतनामी कला रत्न सम्मान में गोरेलाल बर्मन, इतवारी राम मधुकर, राजेन्द्र रंगीला, डेविड निराला, अमित कमल कोसले, आगर आनंद, अमोलदास टण्डन सहित 40 हस्तियों को सम्मानित किया गया. समाज के वरिष्ठजनों में अपर कलेक्टर सी.एल. मार्कण्डेय, एम.डी. महिलकर, भागवत मार्कण्डेय, कार्तिक राम डहरिया सहित 10 हस्तियों को लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान प्रदान किया गया। साथ में छत्तीसगढ़ के लगभग 15 जिलों के 50 पारम्परिक पंथी कलाकारों को छत्तीसगढ़ पंथी रत्न सम्मान से सभी अतिथियों द्वारा शाल, श्रीफल, अभिनन्दन पत्र एवं मोमेन्टो देकर सम्मानित किया गया। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों को सम्मानित किया गया।

कोरोना वॉरियर्स सम्मान में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे, उतई स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. एन.एल. बंजारे, उत्कृष्ट शिक्षक बीरेंद्र कुमार साहू, संजय मैथिल, यातायात पुलिस निरीक्षक आवत राम साहू तथा उत्कृष्ट मंच संचालक के लिए समाज के भूपेंद्र कुमार चाणक्य, भगवान दास टण्डन को सम्मानित किया गया, वहीं मिनीमाता महिला समिति रिसाली भिलाई, दुर्ग जिला कल्याण महिला जागृति समिति दुर्ग को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

11 जिलों से आए पंथी दलों का प्रदर्शन
कल्याणी बारले एवं अमृता बारले की टीम द्वारा प्रस्तुत सतनाम भजन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, तत्पश्चात विभिन्न 11 जिला से आए पंथी दलों के प्रदर्शन बारी-बारी से होता रहा। साथ में मांदरी नृत्य, कर्मा नृत्य, गेड़ी नृत्य, गौर माडिय़ा, सुवा नृत्य, राउत नाच, भरथरी, लोककला मंच नवा किसान एवं ज्ञान गंगा सांस्कृतिक लोकमंच हार्दिकला जिला बिलासपुर द्वारिका बर्मन एवं साथी आकर्षण का केंद्र रहा।


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