धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 13 फरवरी। महिला एवं बाल विकास तथा धमतरी जिले की प्रभारी सचिव शम्मी आबिदी ने कुरुद ब्लॉक के दो आंगनबाड़ी केन्द्र का निरक्षण किया। ग्राम चर्रा में बाला कॉन्सेप्ट पर बने आंगनवाड़ी भवन की सराहना करते हुए इसका ड्राइंग माँगा, ताकि इसी मॉडल को अन्य जिलों में लागू किया जा सके। जी-जामगांव में उन्होंने फर्श पर बैठकर बच्चों से कविता सुनी, उनके नाम, परिवार एवं गांव की जानकारी ली
धमतरी जिला प्रभारी सचिव शम्मी आबिदी कुरुद ब्लॉक के जी-जामगांव आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचीं और बच्चों की उपस्थिति, पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता, साफ-सफाई एवं केंद्र के समुचित रखरखाव का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों का वजन एवं ऊंचाई मापन, कुपोषित बच्चों की स्थिति तथा पोषण ट्रैकिंग की जानकारी लेते हुए नियमित मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गर्म भोजन की गुणवत्ता के संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं से चर्चा कर पोषण स्तर में निरंतर सुधार पर विशेष बल दिया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने बच्चों के बीच फर्श पर बैठकर आत्मीय संवाद करती नजर आईं। उन्होंने बच्चों से कविता सुनी, उनके नाम, परिवार एवं गांव की जानकारी ली तथा उनका उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने कहा कि 5-6 वर्ष आयु के बच्चों को मैं और मेरा परिवार, मेरा घर और गाँव, आंगनवाड़ी, पशु-पक्षी, फल-सब्जियाँ, जीव-जंतु, हवा-पानी, मौसम और त्यौहार, बाज़ार, यातायात के साधन एवं हमारे सहायक आदि की समुचित जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि उनका बौद्धिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास हो सके।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के माध्यम से शरीर के अंगों, पारिवारिक संबंधों, ऋतु परिवर्तन एवं दैनिक जीवन से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान से अवगत कराया जाए। उन्होंने 0 से 3 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की संख्या, उनकी शारीरिक स्थिति, कुपोषित बच्चों की पहचान एवं स्वास्थ्य संबंधी विवरण की जानकारी ली। साथ ही केंद्र में संचालित दैनिक गतिविधियों के टाइम-टेबल, बच्चों के प्रारंभिक ज्ञान स्तर एवं गतिविधि पुस्तिका के अनुरूप शिक्षण प्रक्रिया की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देशित किया कि बच्चों को खेल-आधारित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से विद्यालय के लिए तैयार किया जाए। प्रभारी सचिव ने केंद्र में वितरित किए जा रहे नाश्ता एवं भोजन, रेडी-टू-ईट सामग्री, पोषण ट्रैकर, उपस्थिति पंजी की जांच कर गुणवत्तायुक्त एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान रसोईघर का अवलोकन कर स्वच्छता मानकों का पालन करने, केंद्र परिसर में पोषण वाटिका विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को ताजे एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें।
ग्राम पंचायत चर्रा पहुंची महिला एवं बाल विकास विभाग सचिव श्रीमती आबिदी ने यहाँ बिल्डिंग एस लर्निंग कॉन्सेप्ट पर निर्मित आंगनवाड़ी केंद्र के डिज़ाइन की सराहना करते हुए इसका ड्राइंग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि इसी मॉडल को प्रदेश के अन्य जिलों में भी अपनाया जा सके। उन्होंने कहा कि आकर्षक एवं शिक्षण-सहायक अधोसंरचना बच्चों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बच्चों को चिक्की एवं चॉकलेट दिया।
इस मौके पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, जिला सीईओ गजेन्द्र ठाकुर, एसडीएम नभसिंह कोसले,सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।


