दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 14 अप्रैल। कलेक्ट्रेट स्थित शंकनी सभा कक्ष में शांति समिति की समीक्षा बैठक सोमवार को आयोजित की गई। बैठक में विधायक चैतराम अटामी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने समाज प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा की वास्तविक शक्ति यहाँ की विविधता, आपसी भाईचारा और अटूट एकता में निहित है।
विधायक श्री अटामी ने सभी समाज प्रमुखों एवं जिम्मेदार नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति के प्रहरी के रूप में कार्य करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें और समाज को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि समाज का हर वर्ग शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में उन्होंने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखते हुए कहा कि जिले में एक कोर कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमें सभी समाजों से दो-दो प्रतिनिधि तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के दो प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति सामाजिक समरसता बनाए रखने, विवादों के समाधान और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने विधायक के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा अपनी विशिष्ट संस्कृति और सामाजिक एकता के लिए जाना जाता है, जिसे बनाए रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील की कि वे युवाओं को सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और उत्तेजक पोस्ट से दूर रखें तथा किसी भी विवाद की स्थिति में तत्काल प्रशासन से संपर्क कर समन्वय स्थापित करें। साथ ही कलेक्टर ने यह भी आश्वस्त किया कि शांति समिति की बैठक केवल निर्धारित अंतराल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवश्यकता अनुसार तीन माह से पहले भी बैठक आयोजित की जा सकती है, ताकि समय-समय पर संवाद और समन्वय बना रहे।
कानून-व्यवस्था के संबंध में पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने भी समाज प्रमुखों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, तो संबंधित अधिकारी से लेकर सीधे उनके पास भी अपनी बात रखी जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया सेल के माध्यम से भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है और शांति भंग करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान विभिन्न समाज, धर्म एवं संगठनों के प्रमुखों ने अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
प्रमुख रूप से मुसाफिर पंजी का संधारण, पलायन रोकने के उपाय, जमीन से संबंधित समस्याओं का निराकरण तथा सामाजिक समरसता को और सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। सभी प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि वे दंतेवाड़ा की शांति और सौहार्द को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
वक्ताओं के विचार
नंदलाल मुड़ामी - बैठक को सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि आपसी समन्वय से ही शांति व विकास संभव है। सभी से सहयोग की अपील की। तुलिका कर्मा- कोर कमेटी गठन का सुझाव दिया। समय पर प्रशासनिक कार्रवाई से घटनाओं पर नियंत्रण संभव बताया, युवाओं से सामंजस्य बनाए रखने की अपील की।
सुरेश कर्मा- कोर कमेटी गठन, नशामुक्ति एवं ग्राम स्तर पर जागरूकता पर जोर दिया। बंद को अंतिम विकल्प बताते हुए संवाद से समाधान की बात कही।
देवती कर्मा- बंद सोच-समझकर लेने की सलाह दी। स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने व ग्राम स्तर पर समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया।
कमला नाग- नियमित अंतराल पर बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। बंद से ग्रामीणों को नुकसान बताया तथा पहले संवाद, फिर निर्णय लेने की आवश्यकता बताई।
सोनी सोढ़ी- पलायन व बाहरी व्यक्तियों की पहचान जरूरी बताई। ग्राम स्तर पर जिम्मेदारी तय करने व कोर कमेटी बनाकर शांति व्यवस्था मजबूत करने की बात कही।
सुखराम नाग- युवाओं में नशे को घटनाओं का कारण बताते हुए समाज प्रमुखों से नशामुक्ति के लिए पहल करने की अपील की।
कैलाश मिश्र-युवाओं से समाज प्रमुखों का सम्मान करने का आग्रह। शांति बनाए रखने अपील की। अवैध शराब बिक्री रोकने तथा स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने पर बल दिया।
नागेश जायसवाल-भूमि विवाद मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग की। कहा कि शीघ्र कार्यवाही से प्रशासन पर आमजन का विश्वास मजबूत होगा।
महेश स्वर्ण- स्थानीय-बाहरी लोगों के बीच मतभेद को अशांति का कारण बताया। आदिवासियों की भागीदारी बढ़ाने, रोजगार व संसाधनों में प्राथमिकता देने की मांग रखी।
मनोज सुराना- बंद को समाधान नहीं बताया। कहा कि बंद से छोटे व्यापारियों व ग्रामीणों को अधिक नुकसान होता है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा सर्वसम्मति से निर्णय लेने पर बल दिया।
गणेश यादव- सभी सुझावों पर अमल से ही जिले में स्थायी शांति संभव है। सामूहिक प्रयास और समन्वय को आवश्यक बताया।
सत्यनारायण कर्मा- सामाजिक समरसता बनाए रखने अपील की। पलायन रोकने हेतु मुसाफिर पंजी संधारण का सुझाव दिया।
बल्लू भवानी- बाहरी व्यक्तियों की जानकारी संधारित करने की बात कही।
इस दौरान जितेन्द्र वट्टी, हरि डेगल, हेमलाल कुन्जाम, मंगल कुन्जाम, सोमारू कड़ती, राकेश मण्डावी, प्रमोद गुप्ता, यशवंत यादव, विनोद सिंह, शैलेन्द्र ठाकुर अपने विचार और सुझाव भी रखे।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, नगरपालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता भास्कर, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, एडिशनल एसपी रामकुमार बर्मन, विभिन्न समाज प्रमुख, व्यापारी, मीडिया प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक का समापन आपसी सहयोग, सतर्कता और एकजुटता के साथ जिले में शांति एवं सामाजिक समरसता बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।


