दन्तेवाड़ा

मिट्टी के स्वास्थ्य कार्ड से खेती में उन्नति
25-Mar-2026 2:34 PM
मिट्टी के स्वास्थ्य कार्ड से खेती में उन्नति

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

 दंतेवाड़ा, 25 मार्च। दंतेवाड़ा में कृषि क्षेत्र में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। जिला प्रशासन एवं  प्रयास से ‘जैविक सॉइल हेल्थ कार्ड’ का शुभारंभ किया गया। जो किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक प्रयास साबित होगा।

  कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक चैतराम अटामी  द्वारा किया गया। इस योजना के तहत किसानों को उनकी मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी सरल एवं स्थानीय भाषा में उपलब्ध  नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश सहित सूक्ष्म तत्वों का विश्लेषण किया गया है। साथ ही रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं जैविक उपायों की सिफारिशें भी दी गई हैं। निर्णायक प्रयास साबित होगाकराई जाएगी।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले वर्षों में रासायनिक खेती के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता में कमी आई है। इस योजना के माध्यम से न केवल मिट्टी की सेहत सुधरेगी, बल्कि किसानों की लागत में भी 40 से 50 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है। साथ ही ‘आदिम’ जैसे जैविक उत्पादों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी। इस पहल में जीवामृत, घनजीवामृत तथा प्राकृतिक कीटनाशकों के निर्माण की विधियां भी किसानों को सिखाई जा रही हैं, जिससे वे बाजार पर निर्भर न रहकर स्वयं संसाधन तैयार कर सकें।

 जिला प्रशासन का मानना है कि यह पहल न केवल कृषि सुधार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक बनेगी।


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