दन्तेवाड़ा

पुरंगेल, बड़ेपल्ली-बेंगपाल का होगा कायाकल्प
14-Mar-2026 10:21 PM
पुरंगेल, बड़ेपल्ली-बेंगपाल का होगा कायाकल्प

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

दंतेवाड़ा, 14 मार्च। दंतेवाड़ा प्रशासन जिले के दुर्गम गांव में पहुंचकर अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने संकल्पित हंै। इसी कड़ी में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने जिले के दूरवर्ती गांवों पुरंगेल, बड़ेपल्ली और बेंगपाल का सघन दौरा शनिवार को किया।

  पुरंगेल का सफर पगडंडियों और वन क्षेत्रों से संभव हो पाता है। इससे इस गांव की पहुंच का अनुमान लगाया जा सकता है। इसके फलस्वरूप कलेक्टर द्वारा पुरंगल तक सफर हेतु दोपहिया को माध्यम बनाया गया। जब जिला प्रशासन ग्रामीणों तक पहुंचा तो ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी नजर आई। पुरंगेल, बेंगपाल और बड़ेपल्ली जैसे आश्रित गांवों की स्थिति का जायजा लेते हुए कलेक्टर ने पाया कि यहाँ की भौगोलिक परिस्थितियाँ विकास के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा हैं।

ग्रामीणों की सुनी समस्याएं

ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को  सुनते हुए श्री ध्रुव ने स्पष्ट किया कि अब इन गांवों की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने मौके पर ही प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अधिकारियों को पुरंगेल तक अविलंब प्राक्कलन तैयार कर सडक़ निर्माण करने का आदेश दिया। कलेक्टर का मानना है कि सडक़ें विकास की प्रथम सीढ़ी है। उन्होंने घोषणा की कि सडक़ बनते ही यहाँ आंगनबाड़ी और सर्वसुविधायुक्त स्कूल भवनों की स्वीकृति दी जाएगी।

आर्थिक सक्षमता पर जोर

ग्रामीणों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए भी चौतरफा रणनीति बनाई गई है। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल के लिए कुंआ, नलकूप और हैंडपंप की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। वहीं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ग्रामीणों को बकरी और सूअर पालन जैसी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। दूरस्थ क्षेत्रों में राशन की समस्या को देखते हुए इन तीनों गांवों के लिए ऑफलाइन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

शिविर लगाकर मिलेंगे दस्तावेज

   श्री ध्रुव ने घोषणा की, किरंदुल में एक विशेष शिविर लगाकर ग्रामीणों के बैंक खाते, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और जॉब कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनाए जाएंगे। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं को घर-तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमें हर 15 दिन में यहाँ स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी। ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उन्हें फलदार पौधों का वितरण किया जाएगा और गांव के बुजुर्गों को समाज कल्याण विभाग की ओर से जरूरी उपकरण मुहैया कराए जाएंगे।

   कलेक्टर नें अफसर से कहा कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है। इस दौरे में जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा और डीएफओ रामाकृष्णा रंगनाधा वाय प्रमुख रूप से मौजूद थे।


अन्य पोस्ट