दन्तेवाड़ा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 6 मार्च। जिला प्रशासन द्वारा दंतेवाड़ा के ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था बेहतर करने शुक्रवार को सघन दौरा किया गया।इस दौरान कलेक्टर देवेश ध्रुव नें संबंधित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करनें योग्य नल - जल योजनाओं को दुरुस्त किए जाने अधिकारियों को निर्देशित किया। वहीं स्थानीय जल स्रोतों का समुचित रखरखाव करनें निर्देशित किया।
कलेक्टर ने शुक्रवार को छिंदनार, कासोली, गीदम और जावंगा में जल प्रदाय योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल आपूर्ति बेहतर बनानें वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने निर्देश दिया।
छिंदवाड़ा इंटकवेल का जायजा
श्री ध्रुव ने छिंदनार स्थित इंटेकवेल का जायजा लिया और रॉ वाटर पाइपलाइन में फ्लो मैनेजमेंट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल प्रवाह की सटीक मॉनिटरिंग के लिए फ्लो मैनेजमेंट उपकरण स्थापित करने को कहा। वोल्टेज समस्या के समाधान के लिए विद्युत वितरण कंपनी के साथ समन्वय कर परीक्षण करने तथा आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने छिंदनार के नावघाटपारा, छोटे छिंदनार, पुजारीपारा और पटेलपारा में घर-घर नल-जल कनेक्शन देने का कार्य पंचायत के माध्यम से शीघ्र पूरा कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
कसौली में जल शोधन संयंत्र की जांच
कलेक्टर ने कासोली में जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने संयंत्र में फ्लो मैनेजमेंट उपकरण लगाने तथा परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पंप के लिए प्रस्ताव तैयार करने तथा पंखे एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की मरम्मत एक माह के भीतर पूर्ण करने को भी कहा। कलेक्टर ने गीदम में प्रस्तावित सम्पवेल योजना के तहत स्थल का निरीक्षण कर कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल संकट से प्रभावित ड्राई जोन क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण के लिए उपयुक्त रिचार्जिंग संरचनाओं का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। वहीं जावंगा परिसर स्थित शैक्षणिक संस्थाओं में जल स्रोतों का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए जल संसाधन विभाग और पीएचई को निर्देशित किया। आगामी वर्षा काल में परिसर के भीतर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करवाने के निर्देश वन विभाग और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को दिए।


