अस्पताल अधीक्षक द्वारा ज्ञापन नहीं लेने व दुव्र्यवहार का आरोप, दिया धरना
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 28 सितंबर। जिला चिकित्सालय परिसर में स्थित महाराजा अग्रसेन सेवा सदन के उपयोग पर आपत्ति जताते हुए अधिग्रहण आदेश समाप्त करके भवन समिति को वापस प्रदान करने के संबंध में महाराजा अग्रसेन सेवा समिति ने कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा। अग्रसेन सेवा सदन के सामने बैठकर न सिर्फ समिति के लोगों ने प्रदर्शन किया, वहीं समिति के द्वारा जिला अस्पताल में अस्पताल अधीक्षक के द्वारा किए गए दुव्र्यवहार के विरोध में व ज्ञापन नहीं लेने को लेकर धरना दिया गया।
अस्पताल के मुख्य द्वार पर बैठकर राम भजन कर अपनी बात अस्पताल अधीक्षक तक पहुंचाई। समिति ने कहा कि महाराजा अग्रसेन सेवा सदन अम्बिकापुर का निर्माण आपके कार्यालय द्वारा आबंटित भूमि पर एवं आपके कार्यालय द्वारा निर्धारित सभी नियमों के अंतर्गत हुआ है। महाराजा अग्रसेन सेवा सदन का निर्माण सम्पूर्ण अग्रवाल समाज के सहयोग से हुआ है। सेवा सदन का उद्देश्य सम्पूर्ण संभाग से इलाज के लिए आने वाले जरूरतमंद गरीबों मरीजों एवं उनके परिजनों को खाने एवं रहने की धर्मार्थ व्यवस्था प्रदान करता है।
वैश्विक महामारी कोविड के आने के बाद समिति ने स्वेच्छा से सेवा सदन को 22 मार्च 2020 में केवल कोविड के लिए उपयोग में लेने हेतु शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सम्बद्ध चिकित्सालय को दिया था, किन्तु आपके कार्यालय द्वारा सेवा सदन का उपयोग कोविड के लिए नहीं करके, अन्य सामान्य मरीजों हेतु किया गया। हमारी समिति को आश्चर्य तब हुआ, जब आपने जरूरत पडऩे पर सेवा सदन को अपने मेडिकल/नर्सिंग स्टाफ के लिए रेसिडेंस (हॉस्टल) के रूप में दिखाया गया, जो कि किसी भी दृष्टिकोण से न्याय संगत नहीं है।
खेद का विषय है कि आपके कार्यालय द्वारा सेवा सदन भवन को केवल सामान्य मरीजों के उपचार हेतु उपयोग में लिया गया। आपके कार्यालय द्वारा सेवा सदन के उपयोग में लेने हेतु स्वीकृत की गयी शर्तों को नहीं माना गया और न ही सेवा सदन के भवन का सही रखने में किया गया।
सरगुजा कलेक्टर के आदेश के द्वारा महाराजा अग्रसेन सेवा सदन, जिला चिकित्सालय परिसर, दर्रीपारा को कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए चिकित्सकीय उपयोग हेतु अधिग्रहण कर लिया गया। उक्त अधिग्रहण आदेश के अनुसार सेवा सदन के अधिग्रहण के दौरान भवन की देख-रेख एवं सम्पूर्ण व्यवस्था अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अम्बिकापुर की रहेगी। किन्तु सूचित करते हुए खेद हो रहा है कि आपके कार्यालय द्वारा कलेक्टर के अधिग्रहण आदेश के विपरीत काम किया गया। इस दौरान अग्रवाल महासभा के राष्ट्रीय महासचिव लेखराज अग्रवाल, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के जिला अध्यक्ष विकास अग्रवाल, अग्रवाल सभा के उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल, जयप्रकाश तायल, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के प्रदेश मंत्री मुकेश अग्रवाल, मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष शुभम अग्रवाल, पवन लोहिया , माखनलाल गर्ग, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के महामंत्री संजय अग्रवाल, दीक्षा अग्रवाल, अविनाश मित्तल, अजीत अग्रवाल, अश्वनी लाल गर्ग, विष्णु अग्रवाल, रामविलास आदमपुरिया, राजेश अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, संजय अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, शिव अग्रवाल सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
इन तथ्यों को समिति ने किया प्रस्तुत
समिति ने कहा कि वर्तमान में पूरे राज्य एवं संभाग में कोविड का प्रकोप लगभग समाप्त हो चुका है। कोविड वैक्सीन से नागरिकों के एक बहुत बड़ा हिस्से को टीका लगाया जा चुका है, जिससे कि कोविड संक्रमण होने एवं फैलने का खतरा नहीं के बराबर है। जिस उद्देश्य से सेवा सदन को अधिग्रहण किया गया था, वह पूर्ण हो चुका है। सेवा सदन के अधिग्रहण अवधि के दौरान भवन का ठीक से रख-रखाव न रखने के कारण भवन की हालत खराब हो चुकी है। जिस उद्देश्य से सेवा सदन की स्थापना की गयी थी यथा सम्पूर्ण संभाग से इलाज के लिए आने वाले जरूरतमंद गरीबों, मरीजों एवं उनके परिजनों को भोजन एवं आवास की धर्मार्थ व्यवस्था, उस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने हेतु भवन को वापस प्रदान किया जाना आवश्यक है।
सेवा सदन को अधिग्रहण अवधि में कभी भी कोविड मरीजों के इलाज के लिए उपयोग में नहीं लिया गया बल्कि केवल सामान्य मरीजों के इलाज के लिए ही उपयोग में लिया गया। उपरोक्त सभी तथ्यों के आधार पर, महाराजा अग्रसेन सेवा समिति द्वारा मांग किया गया कि सेवा सदन को पुन: समिति को वापस करने की पहल करें।