‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,1 फरवरी। आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2022-23 का आम बजट पेश किया। केंद्रीय बजट को जहां भाजपा ने सराहा, वहीं कांग्रेसियों ने निराशाजनक कहा।

गरीब, किसान और बेरोजगार के लिए कुछ नहीं-हिमांशु
एनएसयूआई सरगुजा के जिला अध्यक्ष हिमांशु जायसवाल ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मोदी सरकार के बजट में गरीब, किसान और बेरोजगार के लिए कुछ नहीं है, इस बजट में सिर्फ जुमला और कष्ट है। मोदी सरकार ने देशवासियों की उम्मीदों को झटका दिया है,मोदी सरकार का बजट वेतनभोगी और मध्यमवर्ग की उम्मीदों को झटका है, कोरोना काल में वेतन कटौती और कमरतोड़ महंगाई झेल रहे मध्यमवर्ग को निराशा ही हाथ लगी है। मोदी सरकार जनता को आफत नहीं, राहत दें।
मोदी सरकार का बजट आम आदमी की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है। मोदी सरकार ने इनकम टैक्स में बदलाव न कर जता दिया है कि आम जनता मोदी सरकार से उम्मीद न रखें। युवाओं के लिए 2 करोड़ नौकरी देने का वादा करने वाली मोदी सरकार में बेरोजगारों के लिए कुछ नहीं है। सरकार ने शिक्षा के लिए कुछ नया नहीं किया गया, बल्कि उसके स्तर को और गिराने का प्रयास है। इस बजट से छात्रों-युवाओं को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बजट में युवाओं के लिए कोई योजना नहीं बनाई गई है, बल्कि युवाओं को अंधकार की ओर भेजने का कार्य किया गया है। इस बजट के माध्यम से मोदी सरकार ने युवाओं के साथ छल किया है।

बजट बेहतर भविष्य का ब्लूप्रिंट है- अखिलेश
देश के आम बजट को बेहतर भविष्य का ब्लूप्रिंट की संज्ञा देते हुए भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रेदश अध्यक्ष अखिलेख सोनी ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के लिए मील का पत्थर साबित होगा तथा सभी वर्गों के विकास के लिए समर्पित है। यह बजट अगले कई दशकों के लिए यह बुनियाद को मजबूती प्रदान करता रहेगा। इतनी बड़ी आपदा के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूती, अनेक नये अवसर, अधिकत्तम निवेश, विकास और नौकरियों की नई संभावनाओं से भरा हुआ यह बजट है। पीएम आवास योजना के लिए 40 हजार करोड़ से लेकर किसान हित में एमएसपी के तहत किसानों के खाते में सीधे भुगतान जैसे अनेक प्रावधान वाले बजट का हम स्वागत करते हैं और ऐसे उत्तम बजट के लिए हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी एवं वितमंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।

सर्वांगीण विकास का बजट- ललन
आज पेश किये गये देश का आम बजट पर प्रकाश डालते हुए सरगुजा भाजपा के जिलाध्यक्ष ललन प्रताप सिंह ने इस बजट को अंत्योदय की परिकल्पना को मूर्त रूप देने वाला और सभी वर्गों के सर्वांगीण व समग्र विकास के लिए सर्वोत्तम बताया है।
देश के आधार को मजबूती देने वाला और सर्वहिताय बजट 2022 का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट आत्म निर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है, गरीब, किसान, मजदूर तथा सभी वर्गों का विकास के लिए समर्पित है। आगामी कई वर्षों तक यह बजट देश के बुनियाद को मजबूती प्रदान करेगा। आगे उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी महामारी आपदा से सफलतापूर्वक निबटते हुये अनेक नये अवसर, बड़ी संख्या में नौकरी, ज्यादा निवेश, समग्र विकास की नई संभावनाओं से परिपूर्ण इस बजट का मैं हृदय से स्वागत करता हूं तथा समग्र विकास सर्वहिताय सर्वश्रेष्ठ बजट के लिए देशवासियों को बधाई तथा यशस्वी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदीजी, वितमंत्री निर्मला सीतारमण जी एवं भाजपा सरकार का आभार व्यक्त करता हूं।

गरीब सशक्तिकरण और रोजगार मूलक का बजट- हर्ष
कोरोना की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आम आदमी की अपेक्षा के अनुरूप गरीब, निम्न मध्यम वर्गीय व मध्यम वर्ग के लिए बजट 2022-23 को संजीवनी निरुपित करते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष विनोद हर्ष ने बजट को गरीब सशक्तिकरण और रोजगार मूलक का बजट बताया है। दो लाख नवीन आंगनबाड़ी केंद्रों के खुलने से लगभग 4 लाख नये रोजगार का सृजन होगा, वहीं 48 हजार करोड़ की लागत से 80 लाख प्रधानमंत्री आवासों के बनने से गरीबों को अपना पक्का घर व साथ में रोजगार मिलेगा।
इसी प्रकार नल जल योजना के तहत 3 करोड़ 82 लाख घरों तक घर-घर शुद्ध पानी की सुविधा उपलब्ध होगी। किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य व उनकी आय दुगनी करने की दृष्टि से 2.36 लाख करोड़ की राशि से एमएसपी पर फसलों की रिकॉर्ड खरीददारी कर राशि का भुगतान सीधे किसान के खाते में किया जाना एक ऐतिहासिक निर्णय है। विशेष आर्थिक सहायता प्रदान कर फल व सब्जी उत्पादक किसानों को मजबूती देने का प्रयास किया गया है।मेक इन इंडिया के तहत 60 लाख नौकरियों का प्रावधान कर रोजगार के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया गया है।शहरी क्षेत्रों में सडक़ परिवहन,पी एम गति शक्ति से इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बड़ा निवेश, हाईवे पर 20 हजार करोड़ का खर्च सहित अनेक प्रावधान विकास व रोजगार के नये द्वार खोलेगा।
यह आम बजट दूरदर्शी बजट है तथा यह देश की अर्थव्यवस्था को बदलने वाला साबित होगा। युवाओं तथा किसानों के लिए इस बजट में पूरा ख्याल रखा गया है। कोरोना महामारी के बावजूद जनता को राहत दी गई है तथा जिस प्रकार से इस महामारी में केंद्र की ओर से मुफ्त राशन तथा वैक्सीनेशन देकर इससे उबरने का प्रयास किया गया है, यह काफी सराहनीय है। पूरी दुनिया में कोरोना के कारण रोजगार के अवसर छीने हैं, किंतु देश में इन सारी चीजों से बेहतर तरीके से निपट कर आगे बढऩे का प्रयास इस बजट में दिख रहा है। किसानों की आय तथा पीएलआई स्कीम अंतर्गत 60 लोगों को नौकरी देना यह बताता है कि बजट में युवाओं तथा किसानों का ख्याल रखा गया है।

डिजिटल भारत का बजट- तन्मय
सीए तन्मय सिन्हा ने कहा कि आज प्रस्तुत किये गए बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा यह भी की गयी है कि वर्ष 2022-23 में भारत की अपनी डिजिटल करेंसी जारी की जाएगी, जो कि क्रिप्टो करेंसी की तरह ही ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। इसके साथ-साथ डिजिटल सम्पतियों (जैसे क्रिप्टो करेंसी) की बिक्री पर 30 प्रतिशत की दर से टैक्स की घोषणा कर के वित्तमंत्री ने ऐसे लेन-देन पर अनिश्चितता समाप्त कर दी है। बजट घोषणा के अनुसार अब पोस्ट ऑफिस को पूर्ण रूप से डिजिटल करने का प्रावधान है।

आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर संतुलित और बेहतर बजट-मुकेश अग्रवाल
मुकेश अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय वित्तमंत्री ने पूंजीगत व्यय में 35.4 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है जो कि सम्पूर्ण भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वित्तमंत्री ने कहा कि पूंजी निवेश तेजी से और टिकाऊ पुनरुद्धार की कुंजी रखता है और सार्वजनिक खर्च को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है। आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक कदम और आगे बढ़ते हुए, सशस्त्र बलों के लिए उपकरणों और पूंजीगत खरीद बजट का 68 प्रतिशत घरेलू उद्योग के लिए सुरक्षित रखा किया जाएगा। डायमंड के आयात शुल्क में कमी स्वागत योग्य है। बजट में भारत-100 के लिए नींव रखी गयी है और लक्ष्यों में समावेशी विकास और निवेश का प्रावधान किया गया है।

कोरोना के कठिन समय में विकासोन्मुखी बजट- आशीष गर्ग
सीए आशीष गर्ग ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोविड की वैश्विक महामारी के बावजूद भी बजट में किसी नये टैक्स का प्रावधान ना करके वित्तमंत्री जी ने आम आदमी को राहत दी है। लघु एवं मध्यम क्षेत्र के उद्यमियों के लिए कोविड हेतु पूर्व में घोषित इमरजेंसी लोन गारंटी योजना को मार्च 2023 तक के लिए बढ़ाया गया है, साथ ही 50,000 करोड़ रूपये का अतिरिक्त प्रावधान भी किया गया है, जो कि स्वागत योग्य है। एलआईसी के डिसइन्वेस्टमेंट को वर्ष 2022-23 में प्रस्तावित किया गया है। पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी की घोषणा से विकास को गति मिलेगी।