हत्या के विरोध में सर्व आदिवासी समाज का विरोध प्रदर्शन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर/सीतापुर,7 सितंबर। जिले में युवक की हत्या के विरोध में सर्वआदिवासी समाज ने सीतापुर में शनिवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस से झूमा झटकी भी हुई। दरअसल, शुक्रवार को मैनपाट में पानी की टंकी की नींव से संदीप लकड़ा नाम के युवक की लाश मिली थी। संदीप को 3 महीने पहले कुछ लोगों ने मारकर वहां पानी टंकी बना दी थी। पुलिस ने पानी टंकी को ढहाकर और जेसीबी से खुदाई कर 15 फीट नीचे शव बरामद किया गया है। अब पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। परिजन और समाज ने कड़ी कार्रवाई और एसपी को निलंबित करने समेत कई मांग रखी है। वहीं शव लेने से इंकार करने के बाद पुलिस ने शव को मॉच्र्युरी में रखा।
सर्व आदिवासी समाज ने थाने के सामने एनएच जा कर प्रदर्शन किया। इसके पहले सर्व आदिवासी समाज ने मुख्यमंत्री के नाम सीतापुर एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। राज्य अजजा आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह भी सीतापुर पहुंचे और आदिवासी समुदाय के पदाधिकारियों से बात की। मृतक के परिवार को 2 करोड़ रुपए मुआवजा,मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई के साथ सभी आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की गई। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले एसपी, थानेदार सहित पुलिस जांच अधिकारियों को निलंबित किए जाने की भी मांग की गई।

दरअसल, उलकिया गांव में हाई स्कूल भवन का निर्माण ठेकेदार अभिषेक पांडेय और उसके साथी करा रहे हैं। 3 महीने पहले निर्माण स्थल से छड़, सीमेंट और निर्माण सामग्री चोरी हो गई। 7 जून को ठेकेदार और उसके साथी संदीप को उठाकर गाड़ी में ले गए। इसके बाद से संदीप लकड़ा वापस नहीं लौटा। 16 जून को गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद पुलिस संदीप पता लगाने में जुटी थी।
21 जुलाई को सर्व आदिवासी समाज ने थाने का घेराव किया। ठेकेदार और साथियों पर केस दर्ज किया गया था।
6 अगस्त को मैनपाट के लुरैना में पानी टंकी गिराकर नींव से शव बरामद किया गया। पूरे मामले को लेकर शनिवार को विरोध प्रदर्शन में कई आप भी पुलिस के ऊपर लगाए गए। सीतापुर पुलिस ने मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद तत्परता नहीं दिखाई। अपहरण और मारपीट का अपराध आंदोलन के बाद पुलिस ने दर्ज किया, जबकि इसकी शिकायत पहले की गई थी। पुलिस ने संबंधित ठेकेदार और साथियों से ठीक से पूछताछ तक नहीं की थी। जांच अधिकारी पर भी ठेकेदारों के प्रति नरमी बरतने का आरोप लगाया गया। लापता संदीप के साथियों के बयान को भी पुलिस ने हल्के में लिया। बता दें कि मामले में पुलिस ने आरोपी प्रत्युष पाण्डेय (21) निवासी पत्थलगांव, गुड्डु कुमार (22) निवासी गया बिहार, तुलेश्वर तिवारी उर्फ गुड्डू (24) निवासी खड़ादोरना सीतापुर और शैलशक्ति साहू (20) निवासी पत्थलगांव जिला जशपुर शामिल हैं।मामले में मुख्य आरोपी अभिषेक पांडेय और उसका एक साथी फरार है। जिनकी तलाश की जा रही है। सर्व आदिवासी समाज दोनों आरोपियों के जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
सियासत और बयानबाजी का भी दौर
आदिवासी युवक की हत्या पर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और सर्व आदिवासी समाज ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। भगत ने कहा कि, मुख्यमंत्री खुद आदिवासी समाज से आते हैं। वे सुनिश्चत करें कि क्या आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलेगा।
सीतापुर बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि मामले में आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मामला आदिवासी समाज से जुड़ा है। ठेकेदारों के ठेके के साथ ही संपत्तियों पर कार्रवाई होगी। शुक्रवार को शव मिलने के बाद से तनाव के चलते सीतापुर में बड़ी संख्या में फोर्स तैनात किया गया था।
आरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन को ट्रेस किया गया। मोबाइल कुछ समय के लिए गुजरात, गोवा और फिर मुंबई में स्विच ऑन हुआ था। कॉल डिटेल में फोन से कोई बातचीत भी नहीं मिली। इसके बाद ठेकेदार के साथियों की लोकेशन भी ट्रेस की गई, तो दोनों लोकेशन एक जगह मैच हुई। इसके बाद पुलिस ने संदेहियों से सख्ती से पूछताछ की।
50 किलोमीटर दूर गाड़ा लाश
सरगुजा एसपी योगेश पटेल ने मामले में नए सिरे से पड़ताल के निर्देश दिए। एएसपी अमोलक सिंह, सीएसपी रोहित शाह की टीम ने ठेकेदार के सहयोगियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने पूरा राज उगल दिया। आरोपियों ने बताया कि, कंस्ट्रक्शन साइट से हजारों रुपए का छड़ और बाकी समान चोरी होने पर उन्होंने संदीप को सोनतरई सीतापुर स्थित ऑफिस में लाकर लात-घूंसे और बेसबॉल बैट से मारा था।
गंभीर हालत में हाथ पांव बांधकर संदीप को आमाटोली सीतापुर स्थित गोदाम में ले जाकर बंद कर दिया गया था। 8 जून को आरोपी गोदाम पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। उन्होंने पिकअप में शव रखकर करीब 50 किमी दूर लुरैना में पानी टंकी का बेस बनाने के लिए खोदे गए गड्ढे में उसे दफन कर दिया। बाद में शव के ऊपर कॉन्क्रीट से बेस बना दिया।