‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायगढ़, 21 मार्च। छत्तीसगढ़ में अवैध मादक पदार्थों की खेती का नेटवर्क लगातार फैलता हुआ नजर आ रहा है। दुर्ग और बलरामपुर जैसे जिलों में सामने आए मामलों के बाद अब रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत आमाघाट में अफीम की खेती का खुलासा होना प्रदेश के लिए गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री द्वारा नशे के खिलाफ सख्त बयान दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात विपरीत नजर आ रहे हैं। लगातार नए-नए स्थानों पर अफीम जैसी अवैध खेती के मामले सामने आना इस बात का संकेत है कि सरकारी तंत्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहा है। यदि प्रशासन सक्रिय और सतर्क होता, तो इस तरह की गतिविधियों पर समय रहते रोक लगाई जा सकती थी। कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने इसी मुद्दे को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, जिस जमीन को तरबूज और ककड़ी की खेती के नाम पर लिया गया था, वहां वास्तविकता में अफीम की फसल उगाई जा रही थी। इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में भी आश्चर्य और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार की खेती अचानक या छुपकर लंबे समय तक बिना किसी प्रशासनिक जानकारी के संभव नहीं हो सकती। इससे यह सवाल और गहरा गया है कि क्या संबंधित विभागों को इसकी भनक नहीं थी, या फिर कहीं न कहीं जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस कमेटी रायगढ़ के अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलते एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। उनके अनुसार, यदि सरकार वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर होती, तो इस प्रकार की घटनाएं बार-बार सामने नहीं आतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासनकाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और प्रशासनिक तंत्र निष्क्रिय बना हुआ है।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने इस मुद्दे को और गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि इसमें ऊपर से नीचे तक मिलीभगत और गहरे भ्रष्टाचार की आशंका स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से खेती को दूसरी फसल के नाम पर छिपाकर संचालित किया जा रहा था, उससे यह प्रतीत होता है कि यह एक सुनियोजित गतिविधि है, जिसमें कई स्तरों पर लोगों की संलिप्तता हो सकती है।
कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक दोषियों का पता चल सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई कर मामले को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए, बल्कि इस नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। अफीम की खेती का निरीक्षण के दौरान अनिल अग्रवाल (चीकू) मुकुंद मुरारी पटनायक, दीपक मंडल (महामंत्री), तारेन्द्र डनसेना (जिला कांग्रेस प्रवक्ता), देवेंद्र शर्मा, बबलू साहू, वासुदेव साहू, रामकुमार भगत, देवा साहू, नरेश ठाकुर, सीताराम चौहान, रामू दास महंत सहित तमनार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के साथीगण विशेष रूप से उपस्थित थे।